समय.. तू मेरा है .. मेरा ही रहेगामैं रीते घट सा हूं ,..तू मुझे में भरेगा
समय.. तू मेरा है .. मेरा ही रहेगामैं रीते घट सा हूं ,..तू मुझे में भरेगा “दीप जलाना आसान है दीप बनकर जलना आसान नहीं वरिष्ठ हैं हम वरिष्ठ हैं, भावों से गरिष्ठ हैं। मत समझो लचार हमको, जीवन में विशिष्ट है… राष्ट्रीय कवि चौपाल की 540 वीं कड़ी “कवि हृदय – रवि उदय” संदर्भ … Read more