ज्ञान आत्मा का गुण व आत्मा का अपना स्वरूप-मुनि सम्यक रत्न सागर महाराज
जैनाचार्यश्री की 12 उपवास के साथ सूरी मंत्र की साधना की अनुमोदना बीकानेर,15 अक्टूबर। जैनाचार्य श्री जिनपीयूष सागर सूरीश्वरजी म.सा. आदि ठाणा 18 , साध्वी श्री विजय प्रभा श्रीजी, प्रभंजना श्रीजी आदि ठाणा के सानिध्य में आयोजित चल रहे नवपद ओली में मंगलवार को सम्यग् ज्ञानपद की आराधना, जाप किया गया। आचार्यश्री के 12 उपवास … Read more