वर्तमान भौतिकता की चकाचौध में वैराग्य संयम पथ पर बढ़ना आश्चर्य
कविता बोथरा की दीक्षा 23 को
नोखा । जहाँ वर्तमान युग भौतिकता, विलासिता, पाश्चात्य संस्कृति की ओर बढ़ रहा है। वहां अध्यात्मता की ओर बढ़ना, संयम पथ स्वीकार करना बहुत बड़ा साहसिक एव आश्चर्यजनक व कठिन कार्य है। मोम के दांतों लोहे के चने चबाने वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। सुश्री मुमुक्षु कविता बोथरा सम्पन्न परिवार से इंटीरियर डिजाईनर एवं … Read more