


नोखा । जहाँ वर्तमान युग भौतिकता, विलासिता, पाश्चात्य संस्कृति की ओर बढ़ रहा है। वहां अध्यात्मता की ओर बढ़ना, संयम पथ स्वीकार करना बहुत बड़ा साहसिक एव आश्चर्यजनक व कठिन कार्य है। मोम के दांतों लोहे के चने चबाने वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।
सुश्री मुमुक्षु कविता बोथरा सम्पन्न परिवार से इंटीरियर डिजाईनर एवं बी.काँम आगम सूत्र की ज्ञाता, विज्ञ फिर वैराग्य का होना आश्चर्य है। सब सुख सुविधाओं के बावजूद यह कंटकीर्ण मार्ग जैन भगवती दीक्षा अंगिकार करना दुढ़मनोबल, गुरु भक्ति एवं हलुकर्मी आत्मा का परिचायक है।
सुःश्रावक, सेवाभावी एवं राजस्थान पेंशनर समाज नोखा के संरक्षक करणीदान बोथरा – झमकूदेवी बोथरा की सुपोत्री एवं श्रीपाल-सुधादेवी की लाडली सुपुत्री और राजकीय जिला अस्पताल नोखा के प्रभारी डॉ सुनील कुमार बोथरा की भ्राता पुत्री (भतीजी) की जैन भगवती दीक्षा 1008 आचार्य भगवन श्री रामलालजी महाराज के श्री मुख कमल से मुमुक्षु कविता बोथरा की बीकानेर जिले के नोखा स्थित गट्टाणी सत्संग भवन, जोरावर पुरा नोखा मे 23 अप्रैल 2026 को होगी नोखा धर्मनगरी है। बोथरा कुल में ऐसी महान आत्मा संसार के भौतिक सुख सुविधा का छोड़ मुक्ति पथ पर बढ़ रही है गौरवशाली बोथरा परिवार सभी पढे लिखे ज्ञानराधना परिवार में अमूल्यरत्न का होना सम्पूर्ण नोखा ,जोरावरपुरा के लिए गर्व की बात है। राजस्थान पेंशनर समाज नोखा के अध्यक्ष इन्द्रचन्द मोदी ने अपनी संस्था के संरक्षक करणीदान बोथरा, डा. सुनील कुमार बोथरा सहित घर परिवार को शुभकामनाएं दीं। संघ में सीर होना विलक्षण बात है। आचार्य भगवन रामलालजी महाराज स्वयं परिवार से दीक्षित है, सन्त, सतियों का समागम नोखा को अनोखा बना रहा है। हजारों की तादाद में नर-नारी इस महनीय विलक्षण जैन भगवती दीक्षा के साक्षी होंगें । इसी अवसर पर दूर दराज से दीक्षा अंगिकार करने हेतु कुछ ओरों के आने की प्रबल सम्भावना है। उपाध्याय प्रवर राजेश मुनि महाराज साहब का – विशेष उद्बोधन पाथेय मिलेगा। दीक्षा के लिए सम्पूर्ण नोखा में उत्साह है। तैयारिया चल रही है।















