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प्रणाम सोनी के सी ए बनने पर खुशी की लहर, बधाई देने वालों का लगा तांता

बीकानेर मैढ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज के होनहार नवयुवा प्रणाम सोनी (सहदेव) पुत्र भूरमल सोनी शिक्षक,कलाकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता के पुत्र प्रणाम सोनी ने कड़ी मेहनत कर अल्पायु में प्रथम बार की परीक्षा देकर सी ए बने। जिसका श्रेय वे अपने गुरूजनो बहिन सीए निकिता तथा माता पिता को देते हैं जिन्होंने तन मन धन से सहयोग किया।

, प्रणाम ने पहली बार ही परीक्षा दी और उसमें अवल आकर घर परिवार सहित किया समाज का नाम रोशन

आपको बता दें कि प्रणाम के परिवार में दादा स्वर्गीय छोटू लाल जी सहदेव विद्युत विभाग से सेवानिवृत होकर समाज सेवा की और साथ ही साथ अपने जमाने के मशहूर पहलवान भी रहें। प्रणाम के बड़े बाबा ताऊजी बीकानेर में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में प्रशासनिक अधिकारीरह चुके है तथा बीकानेर के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े हुए हैं।पिता भूरमल सोनी सेवानिवृत्त शिक्षक एवं कलाकार और सामाजिक कार्यकर्ता है जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर। कई लोगों क जीवन बचाया। अरसों से वे पीड़ितो,असहयों, बेजुबानो, की निरंतर सेवा करते हैं उन्हीं का यह पुत्र प्रणाम सोनी शायद इसको शिक्षा और दीक्षा विरासत में मिली हो ऐसा लग रहा है क्यों कि पिता भूरमल सोनी कला शिक्षक भी रहे और साथ ही साथ समाज सेवा भी करते रहे।

प्रणाम के चाचा जी गणेशलाल सहदेव समाज के विभिन्न उच्च स्तर के पदों पर है और उनका उनकी प्रेरणा आशीर्वाद सदा रहा हे।

प्रथम प्रयास में सफल होने व स्वर्णकार समाज का नाम गर्व से ऊंचा करने पर प्रणाम को चहुं और से मोबाइल के माध्यम से बधाइयां मिल रही है। प्रणाम का कहना है कि पढ़ाई के लिए कोई उम्र नहीं होती लेकिन छोटी क्लासों को पार कर जल्द ही अपनी मंजिल को तय कर और उसी में ध्यान रखें और खूब मेहनत करें तो मंजिल मिल सकती है हर व्यक्ति पढ़ाई कर मन चाहे मुकाम तक पहुंच सकता है लेकिन धैर्य एकाकी की प्रवृत्ति और अपने बड़ों का आशीर्वाद यह सब जरुरी है। प्रणाम का कहना है कि रात दिन कड़ी मेहनत कोई करें तो कोई भी मंजिल हासिल हो सकती है सी ए बनने का प्रणाम ने अपने पिता भूरमल सोनी एवं अपने गुरुजनों को सीए बहिन निकिता , बहनोई सीए मुकुल व सभी सहदेवडा परिवार को देते हैं। सहदेव परिवार सहित बीकानेर ही नहीं बाहर निवास करने वाले रिश्तेदार जाति बिरादरी के लोगों में भी खुशी की लहर है। आज सभी लोग प्रणाम के पिता एवं प्रणाम के मोबाइल के माध्यम से बधाई संदेश दे रहे हैं। बीकानेर का सहदेव परिवार अपने आप में खास इसलिए कि इस परिवार में शिक्षा, शारीरिक मजबूती, दया-भाव, समाज सेवा का भाव रखना पूरे परिवार में ही काफी लंबे समय से है ।

जानकारी में रहे की इसी परिवार की एक बेटी जो पहले सी ए बन चुकी है वह बेटी भी प्रणाम की बहन है और भूरमल जी की बेटी। आज समाज गर्व महसूस करता है की प्रणाम जैसे युवा छोटी आयु में ही पहली बार में ही परीक्षा देकर का सी ए बने।

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Prakash Samsukha

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