Bikaner Live

तपागच्छ पौषधशाला में मुनिवृंद चातुर्मास में करें समरादित्य कथा का वाचन विवेचन

बीकानेर, 21 जुलाई। रांगड़ी चौक की तपागच्छी पौषधशाला में गुरु पूर्णिमा पर गच्छाधिपति जैनाचार्य विजय नित्यानंद सूरीश्वरजी के आज्ञानुवर्ती मुनिश्री पुष्पेन्द्र विजय एवं मुनिश्री श्रुतानंद विजय सोमवार से सुबह नौ से दस बजे तक समरादित्य कथा का वाचन विवेचन करेंगे। प्रतिदिन श्रावक श्राविकाओं के लिए लक्की ड्रा निकाला जाएगा।
गुरु पूर्णिमा को श्री आत्मानंद जैन सभा के सुरेन्द्र बद्धाणी, श्री पद्म प्रभु ट्रस्ट के लीलम सिपानी, शांति लाल कोचर, अजय वैद, दिलीप कोचर, सजय कोचर, आदि ने देव, गुरु व धर्म का जयकारा लगाते हुए आचार्यश्री हरिभद्र सूरि द्वारा लिखित तपागच्छ के आचार्योंद्वारा संपादित ’’समरादित्य कथा सूत्र’’ प्रदान किया।
मुनिश्री पुष्पेन्द्र विजय ने कहा कि आचार्यश्री हरिभद्र सूरि ने जैन धर्म, दर्शन, योग, आचार, व्यंग्य और चरित्र काव्य आदि विविध विद्याओं में ग्रंथों की रचना की। जैन धर्म में योग संबंधी साहित्य के तो वे आदि प्रणेता थे। आगमिक ग्रंथों की संस्कृत भाषा में टीका करने वाले जेन परम्परा में वे प्रथम टीकाकार थे। उन्होंने 1444 ग्रंथों की रचना प्राकृत व संस्कृत भाषा में की । ’’समरादित्य कथा’’ में सर्व कल्याणकारी, उपकारी व प्रेरणादायक ग्रंथ हैं । इसके श्रवण-चिंतन मनन से श्रावक-श्राविकाओं में काम,क्रोध, लाभ व मोह आदि कषायों, पापवृतियों पर अंकुश लगेगा तथा देव, गुरु व धर्म के प्रति निष्ठा व समर्पण बढ़ेगा।
मुनिश्री पुष्पेन्द्र विजय व श्रुतानंद विजय ने कहा कि गुरु हमारे में व्यक्त अहंकार, अहम, कषायों को दूर कर देव, गुरु व धर्म के समर्पण का सच्चा मार्ग दिखाते है। उन्होंने गणधर गौतम के प्रसंग को सुनाते हुए कहा कि निष्ठा व समर्पण के बिना ज्ञान की प्राप्ति नहीं हो सकती।

जैन दर्शन सिद्धान्त की पालना करें-साध्वी सुव्रता श्रीजी
बीकानेर, 21 जुलाई। जैन श्वेताम्बर पार्श्वचन्द्रगच्छ की साध्वीश्री पद्म प्रभा व सुव्रताश्रीजी के सान्निध्य में रविवार को रामपुरिया मोहल्ले के उपासरे में चातुर्मास के जप,तप, चैत्य वंदन व दर्शन के अनुष्ठान शुरू हुए।
साध्वी सुव्रताश्रीजी ने कहा कि चातुर्मास जैन धर्म का साधना, आराधना, देव,गुरु की भक्ति, आत्म कल्याण, जप तप का अनूठा पर्व है। इस पर्व के महत्व को समझें तथा जैन दर्शन, सिद्धांतों की पालना करें। अधिकाधिक उपवास, व्रत, ध्यान व साधना करें।

Picture of दिलीप गुप्ता

दिलीप गुप्ता

खबर

http://

Related Post

error: Content is protected !!