जनता का विश्वास, कार्यकर्ताओं की मेहनत और कांग्रेस की विचारधारा ही हमारी सबसे बड़ी ताकत-बिशनाराम सियाग
खाजूवाला में पेयजल, बिजली, सिंचाई व बढ़ते नशे के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
खाजूवाला, बीकानेर 11.05.2026
जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग बीकानेर देहात की ओर से आज खाजूवाला विधानसभा क्षेत्र में व्याप्त पेयजल संकट, बिजली की चरमराई व्यवस्था, सिंचाई समस्याओं, भूमि आवंटन निरस्तीकरण, बढ़ती बेरोजगाएवं क्षेत्र में फैलते नशे के विरोध में जाट धर्मशाला खाजूवाला में बैठक आयोजित की गई। बैठक के पश्चात कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रवासियों ने जुलूस के रूप में खाजूवाला उपखण्ड कार्यालय पहुंचकर उपखण्ड अधिकाको माननीय मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग बीकानेर देहात के जिलाध्यक्ष सत्तू खान पड़िहार के नेतृत्व में सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि खाजूवाला विधानसभा क्षेत्र में पंचायत वाइज कार्ययोजना बनाकर पेयजल, बिजली, सिंचाई एवं ग्रामीण समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए।
ज्ञापन में बताया गया कि क्षेत्र में पीने के पानी की भाकिल्लत बनी हुई है तथा पेयजल डिग्गियों की हालत अत्यंत खराब है। किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है और बार-बार अघोषित बिजली कटौती से आमजन एवं किसान दोनों परेशान हैं। किसानों के घरों एवं खेतों में जाविद्युत कनेक्शनों के अनुसार बिजली लोड का आकलन कर आवश्यक विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की मांग भी की गई ताकि लोगों को धरातल पर वास्तविक लाभ मिल सके ।
इसके अतिरिक्त किसानों की सिंचाई डिग्गियों का लंबित भुगतान जाकरने, स्माल पैच व मीडियम पैच आवंटन खोलने तथा विशेष एवं भूमिहीन श्रेणी के किसानों के आवंटनों को धारा 22(3) की आड़ में निरस्त करने की कार्यवाही रोकने की मांग उठाई गई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि गरीब एवं भूमिहीन किसानों के आवंटन निरस्त कर पर्दे के पीछे से सोलर कंपनियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिस पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।
ज्ञापन में लंबे समय से बंद पड़ी नरेगा (वी-बीजी रामजी) योजना को पुनः लागू कर ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध करवाने की मांग भी की गई। साथ ही गांवों में बढ़ते नशे के कारोबार एवं नशाखोपर कठोर कार्यवाही करने, अवैध मादक पदार्थों की बिक्री रोकने तथा युवाओं को नशे से बचाने हेतु विशेष अभियान चलाने की मांग रखी गई।
जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग बीकानेर देहात के जिलाध्यक्ष सत्तू खान पड़िहार ने कहा कि खाजूवाला विधानसभा क्षेत्र आज पेयजल संकट, अघोषित बिजली कटौती, सिंचाई समस्याओं और बढ़ती बेरोजगासे जूझ रहा है। गांवों में पेयजल डिग्गियों की हालत बेहद खराब है और किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही, जिससे खेती और आमजन का जीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने पंचायत वाइज कार्ययोजना बनाकर स्थायी समाधान की मांग की है। यदि सरकार जल्द समस्याओं का समाधान नहीं करती है तो क्षेत्र की जनता और किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा उन निष्ठावान, कर्मठ और समर्पित कार्यकर्ताओं का सम्मान करती है जिन्होंने संगठन को मजबूत बनाने के लिए निरंतर संघर्ष और मेहनत की है। आने वाले समय में ऐसे ही जमीनी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देते हुए टिकट दिए जाएंगे। आज बीकानेर जिले में कांग्रेस संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से हम लगातार जनता के बीच पहुँच रहे हैं, उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं और उन्हें प्रशासन तक मजबूती से उठा रहे हैं। हमारा लक्ष्य केवल राजनीति नहीं, बल्कि आमजन की आवाज बनकर उनके अधिकारों और विकास के लिए संघर्ष करना है। जनता का विश्वास, कार्यकर्ताओं की मेहनत और कांग्रेस की विचारधारा ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
इस दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व बीकानेर लोकसभा कांग्रेस प्रत्याशी मदन गोपाल मेघवाल, जिला प्रमुख मोडाराम मेघवाल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी एससी विभाग की सदस्य प्रीति मेघवाल, उरमूल डेयअध्यक्ष नोपाराम जाखड, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण गोदारा, हेमन्तसिंह यादव, पूर्व सरपंच एवं पंचायत समिति सदस्य मदन गोदारा, जिल प्रवक्ता पुनमचन्द भाम्भू, पूर्व कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रविन्द्र कस्वां, पूर्व सरपंच सदाम हुसैन गुलूवाली, रघुवीरसिंह ताखड़, यूथ कांग्रेस खाजूवाला नेता मोहम्मद शाबीर, युवा कांग्रेस नेता एवं पूर्व खाजूवाला बार संघ अध्यक्ष एडवोकेट सलीम खान, पूर्व सरपंच आनंदगढ़ करण पुनिया, पूर्व खाजूवाला पंचायत समिति उपप्रधान याकूब अली ब्लोच, पूर्व सरपंच राजपाल कुलहरि, शिवराज गोदारा, मो. रमजान रंगरेज सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित रहें।
ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी गई कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र की जनता एवं किसान व्यापक जनआंदोलन करने को बाध्य होंगे।

















