
सम्पन्न, प्रतिभागियों ने किया शानदार प्रदर्शन
बीकानेर। क्षत्रिय सभा एवं ट्रस्ट, बीकानेर संभाग तथा श्री आशापुरा कलेक्शन, बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित निःशुल्क ग्रीष्मकालीन आत्मरक्षा एवं साफा प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।
समारोह के मुख्य अतिथि कोलायत विधायक श्री अंशुमान सिंह भाटी ने अपने संबोधन में कहा कि “सीखने की कोई उम्र नहीं होती और सीखी हुई विद्या कभी न कभी जीवन में अवश्य काम आती है। यदि हम अपनी एवं समाज की सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा के गुर सीखें तथा विलुप्त होती हमारी पारंपरिक संस्कृति के प्रतीक साफा बांधने की कला को आत्मसात करें, तो ग्रीष्मकालीन अवकाश का यह सर्वोत्तम सदुपयोग होगा।”
विशिष्ट अतिथि परम विभूषित पूज्य संत दाता श्री रामेश्वरानंद जी महाराज ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को सनातन संस्कृति के आदर्शों पर चलते हुए शिक्षा एवं संस्कार ग्रहण करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविरों में अधिकाधिक भाग लेकर स्वयं को शारीरिक, मानसिक एवं सांस्कृतिक रूप से दक्ष बनाना चाहिए।
समारोह के प्रारंभ में मुख्य अतिथियों द्वारा शिविर के प्रशिक्षकों—आत्मरक्षा प्रशिक्षक अंजू बा परिहार, साफा प्रशिक्षक विक्रम सिंह चौहान, मार्शल आर्ट प्रशिक्षक गणेश हर्ष तथा पंडित गायत्री प्रसाद—का सनातन संस्कृति एवं समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान किया गया।
इसके पश्चात लगभग 70 आत्मरक्षा प्रशिक्षणार्थियों ने शिविर में सीखे गए आत्मरक्षा कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन कर उपस्थित जनसमूह की खूब सराहना प्राप्त की। वहीं साफा प्रशिक्षण के प्रतिभागियों ने अतिथियों के समक्ष एक-दूसरे के सिर पर विभिन्न पारंपरिक शैलियों में साफा बांधकर अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया। उपस्थित जनसमूह ने करतल ध्वनि से उनका उत्साहवर्धन किया।
क्षत्रिय सभा एवं ट्रस्ट, बीकानेर संभाग के अध्यक्ष करण प्रताप सिंह सिसोदिया ने मुख्य अतिथि श्री अंशुमान सिंह भाटी एवं विशिष्ट अतिथि पूज्य श्री रामेश्वरानंद जी महाराज के साथ सभी प्रतिभागियों को प्रतीक चिन्ह एवं सम्मान-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
शिविर प्रभारी एवं प्रवक्ता प्रदीप सिंह चौहान ने बताया कि क्षत्रिय सभा विगत आठ वर्षों से लगातार इस प्रकार के ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रही है, जिनके माध्यम से बच्चों एवं युवाओं को आत्मरक्षा, संस्कृति एवं व्यक्तित्व विकास के विभिन्न आयाम सीखने का अवसर मिलता है।
इस अवसर पर मोहन सिंह नाल, रणवीर सिंह नोखड़ा, भंवर सिंह उदट, महावीर सिंह पवार, केसरी सिंह मोटासर, ओंकार सिंह भाटी, वीरेंद्र सिंह नरूका, पप्पू सिंह भाटी, किशनराज सिंह बिदासर, गिरधारी सिंह खिंदासर सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं समाजबंधु उपस्थित रहे।












