
“एकीकरण पर बल देते हुए बिना दहेज दिन में शादियां करने का मंत्र दिया थिंक टैंक राजेन्द्र मोदी-रायमलाणी ने”
जयपुर 31 अक्टूबर 2022 / श्री अरोड़ा खत्री सामाजिक कल्याण समिति जावरा द्वारा द्वारकाधीश अन्नकूट महोत्सव के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय विराट सामाजिक चिंतन व अलंकरण समारोह में अध्यक्ष सुविख्यात श्रीमदभागवतकथा वक्ता बालयोगी विष्णुजी अरोड़ा व उनकी टीम के सदस्यों द्वारा राजस्थानी अरोड़ा खत्री सर्वोच्च समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र पोपा, पूर्व अध्यक्ष आनंद पुजारा, हरिनारायण अरोड़ा, ज्योतिप्रकाश छाबड़ा, कैलाश सराया, मनोज वधवा, सुरेश अरोड़ा-सुजानगढ़, राजेश अरोड़ा-रतलाम, डॉक्टर रेखा अरोरा-दिल्ली, एवं अखिल भारतीय खत्री-मोदी-अरोड़ा समन्वय समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष खत्री राजेन्द्र मोदी- रायमलानी आदि को समाज के विकास में उत्कृष्ट सहयोग के लिए प्रतीक चिन्ह व प्रशस्ति पत्र भेंट किए गए । मोदी ने बालयोगी विष्णुजी अरोड़ा को अपने उपरोक्त साथियों के साथ राष्ट्रीय प्राइड अवार्ड 2022-23 प्रदान कर सम्मानित किया ।
जावरा में समाज ने पहले दिन सोमवारिया बाजार स्थित अपने आराध्य के अन्नकूट महोत्सव के दौरान जिनके दर्शन से बढ़ते हैं बुद्धि-धन और व्यापार ऐसे भगवान द्वारकाधीश को देखने की दमक भक्तों के चेहरे पर शोभायमान रही…. जैसे ही पट खुले थल..नभ… जल में विराजमान देव और मानव पुलकित हो उठे और सारे रोग,भय, और शोक दूर हो गए । भगवान के जयकारों से आकाश गूंज उठा । बालयोगी विष्णुजी अरोड़ा ने बताया कि इस मंदिर की आधार शिला 150 वर्ष पूर्व समाज के पुरखों द्वारा ही रखी गई थी ।
सहनशीलता के साथ बिना गुस्सा किए जब हम वर पक्ष व वधू पक्ष की बात धैर्य व ध्यान से सुनेंगे, तुरंत फैसला नहीं करेंगे, दामाद को बेटे की तरह व बहू को बेटी की तरह समझेंगे तभी सभी समाजों के बीच आपसी सामंजस्य और तालमेल संभव हो सकेगा क्योंकि जिसने हमारी बेटी के लिए अपना जान से प्यारा बेटा दिया है- वह महान है – और जिसने हमारे बेटे को हमारा वंश चलाने के लिए अपनी जान से प्यारी कन्या का महादान किया है -वह महानत्तम है, उसी की वजह से हमारा वंश आगे बढ़ेगा । मध्यप्रदेश के मालवांचल की पावन धरा जावरा के हिंगलाज धाम कोठारी रिसोर्ट में 80 जी में पंजीकृत माता हिंगलाज एन्ड वरुण देव चैरिटेबल ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीकानेर मूल के राजेन्द्र मोदी-रायमलाणी ने प्रमुख वक्ता के रूप में हज़ारों की संख्या में न्यात-गंगा के बीच यह उदगार प्रकट किए ।
मोदी ने एकीकरण पर बल देते हुए कहा – मिट्टी ने एकता की तो इंटे बन गई-इंटों ने एकता की तो दीवारें और दीवारों ने एकता की तो वो महल बन गए जिनमे रहकर हम अपने आपको संरक्षित व सुरक्षित महसूस करते हैं । जब ये निर्जीव वस्तुएं एकता कर सकती है तो हम क्यों नहीं ? सरस्वती पुत्र प्रखर वक्ता खत्री राजेन्द्र मोदी ने महाकाल उज्जैन की परिधि में आयोजक समिति के अध्यक्ष राष्ट्रीय प्राइड अवार्डेड समाज शिरोमणि बालयोगी संत श्री विष्णुजी अरोड़ा व उनकी टीम का इस विशाल आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया । साहित्य प्रेमी अखिल भारतीय अरोड़ा-खत्री-मोदी समन्वय समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र रायमलानी ने स्वरचित ओजस्वी कविता। “”” बुरे कर्म जितने भी हैं वे अंधियारे में होते हैं । आतिशबाजी-शराब-भंगड़ा कुकर्म की जड़ होते हैं ।। लड़के लड़कियां संग संग नाचे, होश हवाश सब खोते हैं ।।।
खत्री-मोदी-अरोड़ा बंधुओ उठो- इस रूढ़िवादिता को दूर करो ।।।। सौ मर्जों की एक दवा है – बिन दहेज, दिन के फेरे शुरू करो । ।।।।
सुना कर लोगों की खूब वाह-वाही लूटी ।
इस अवसर पर राजस्थानी अरोड़ा खत्री सर्वोच्च समिति के अध्यक्ष विद्वान डॉक्टर सुरेंद्र पोपा ने कहा कि हमें परिवारों में तालमेल बैठाने के लिए समन्वय के सूत्र स्थापित करने होंगे, पूर्व अध्यक्ष ज्योतिप्रकाश छाबड़ा ने इस बात पर जोर दिया कि पुत्रवधु व पुत्रियों को गृहस्थ जीवन का पालन कर घर का मोर्चा संभालना चाहिए तो आनंदजी पुजारा ने समाज विकास के प्रति अपने जीवन के अनुभव शेयर किए । दिल्ली से पधारी विद्वान डॉक्टर रेखा अरोड़ा ने कोचिंग सेंटर्स बढ़ाने व कॉउंसलर्स द्वारा आचार-विचार व संस्कार पर रिसर्च की आवश्यकता बताई तो दिल्ली की ही मीनाक्षी अरोड़ा ने बताया कि हम समाज को हर गतिविधियों पर छूट तो दे रहे हैं लेकिन साथ नहीं दे रहे जबकि आवश्यकता है साथ देने की । भीलवाड़ा अध्यक्ष कैलाश सराया ने उचित सलाह सबसे लेनी चाहिए तथा विवाद की स्थिति में पहले परिवार वालों को बैठ कर समाधान खोजने चाहिए बाद में मामले पंचायत तक जाने चाहिए इन विषयों पर जोर दिया तो पाली मॉडल के पथ प्रणेता गोविंद मनिहार ने कहा कि आप समाजसेवी का हाथ पकड़कर ऊपर खींचो, समाज अपने आप ऊपर उठ जाएगा तो अधिवक्ता अशोक अरोड़ा ने इसकी पैरवी करते हुए अरोड़ा बैंक व अरोड़ा यूनिवर्सिटी खोलने का प्रस्ताव दिया तथा 3 लाख के सहयोग का वादा भी मंच पर किया जिसका अनुसरण अभिषेक अरोड़ा ने किया तथा युवा अनिल अरोड़ा ने अपने क्रान्तिकारी विचार समाज के सामने रखे । अहमदाबाद अध्यक्ष मुकेश वधवा ने कहा कि हमें नकारात्मकता नहीं ढूंढनी चाहिए बल्कि अंतिम व्यक्ति तक पहुंच कर उसे कैसे ऊपर उठा सकते हैं इस पर गहन मंथन करना होगा । मुम्बई से पधारे श्रीगोपाल अरोड़ा ने भी समाज मे सहयोग बढ़ाने पर अपने महत्वपूर्ण विचार रखे । समारोह में कुछ समाजसेवियों ने वीडियो के माध्यम से भी अपने सुझाव रखे जिनमें भरत लाल छाबड़ा, जयप्रकाश लखानी, शिव प्रकाश हवेजा आदि शामिल रहे । सत्यनारायण सुगंधा ने सबका आभार प्रकट कर धन्यवाद दिया । समारोह का सफल संचालन साक्षी अरोड़ा, मीनाक्षी कपूर, गायत्री अरोड़ा, प्रिया अरोड़ा के साथ सर्वगुण सम्पन्न स्वयं बालयोगी विष्णुजी अरोड़ा ने अपनी विशिष्ट शैली द्वारा कर उपस्थित समाज को मंत्रमुग्ध कर दिया ।
इस अवसर पर साक्षी अरोड़ा ने मोदी खत्री समाज के ख्यातनाम पथ प्रणेता व थिंक टैंक राजेन्द्र मोदी-रायमलानी को उनके प्रेरक विचार सुनने के लिए कॉल करते हुए बताया कि उन्हे राजगढ़- बीकानेर-जयपुर-नाथद्वारा के अलावा लखनऊ, जोरहाट, जगन्नाथपुरी, कटक, कलकत्ता, मुम्बई, दिल्ली, नैमिषारण्य, राजकोट,गाज़ियाबाद, आदि शहरों में 10 राष्ट्रीय अधिवेशनों व 15 युवक युवती वैवाहिक परिचय सम्मेलनों के माध्यम से अब तक सभी सातों समुदायों के बीच 11324 रिश्ते सम्पन्न करवाने में अपार सफलता मिली है । ख्यातनाम अधिवक्ता राजेन्द्र मोदी ने भी जन मानस से अपील की कि उन्हें टी वी, मोबाइल से दूरी बनाते हुए बहन-बेटी के घर में अनावश्यक हस्तक्षेप से बचना चाहिए तथा अपने लड़के-लड़कियों को 30-30 साल तक घर में न बैठाकर 25 साल से पहले ही उनकी शादियां कर देनी चाहिए हमें समाज के लोगों से ही खरीद बिक्री करनी चाहिए, गरीब को हर संभव सहायता करनी चाहिए तथा हमारे किसी भाई पर बाहरी विपत्ति आने पर उसके साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़े रहना चाहिए व तन-मन-धन से सहयोग कर उसे ऊपर उठाना चाहिए तभी समाज का आर्थिक विकास संभव हो सकेगा । इसी दिन सांयकालीन भजन संध्या में उमेश अरोड़ा, नवीन अरोड़ा व भीलवाड़ा की प्रख्यात नेत्री स्वाति अरोड़ा ने ऐसे भजन प्रस्तुत किये कि लोग नाचने और झूमने लगे । जावरा अरोड़ा समाज के सह सचिव नीलेश अरोड़ा ने भी अपनी टीम के साथ सभी का आभार व्यक्त किया । इससे पूर्व समाज का राष्ट्र ध्वज भी उपरोक्त सभी अतिथियों द्वारा फहराया गया । अंत में हरिनारायण अरोड़ा को मध्यप्रदेश गौरव व ज्योतिप्रकाश छाबड़ा को समाज रत्न की उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया गया ।











