
आध्यप्रवर्तक आर्य भिक्षु को नमन हमारा!!
क्रांतिकारी भैक्षव शासन को नमन हमारा!!
*प्रभु महावीर के,*
आलोकिक पथ को अंगिकार किया!
*विवेकपूर्ण भाषा में,*
अकल्पनीय शास्त्रार्थ किया!
नदी तट पर *सुर्य आतापना* से,
नव शक्ति का संचार किया!
*विजय पताका में,*
सत्य अहिंसा का प्रकाश दिया।।
आध्यप्रवर्तक आर्य भिक्षु को नमन हमारा!!
क्रांतिकारी भैक्षव शासन को नमन हमारा!!
*ज्योतिपूंज भिक्षु ने,*
मानवता को तेरापंथ का प्रदीप दिया!
*आत्म कल्याण में,*
नवनीत साधना का आलोक दिया!
*जीवन उत्थान में,*
नैतिकता का पथ दर्शन दिया!
*शहर राजनगर में,*
धर्मोपदेश दिया और बोधि का रसपान किया!
*अंधेरी ओरी में,*
यक्ष देव का उद्धार किया!
*जन-जन में,*
जिन वाणी का संदेश दिया।।
आध्यप्रवर्तक आर्य भिक्षु को नमन हमारा!!
क्रांतिकारी भैक्षव शासन को नमन हमारा!!
*अनुकुल व प्रतिकुलताओं में,*
पुरुषार्थ का आलंबन दिया!
*जीवन विकास में,*
*शम सम और श्रम* का मंत्राचार दिया!
*सिंह प्रर्वती के अटल निर्णायक ने,*
प्राणवान मर्यादा-पत्र को प्रतिष्ठित किया।।
आध्यप्रवर्तक आर्य भिक्षु को नमन हमारा!!
क्रांतिकारी भैक्षव शासन को नमन हमारा!!
*समता के शिखर पुरुष ने,*
रत्नाधिक संयम रत्न प्रदान किया!
*अध्यात्म के महासुर्य ने,*
सम्यक ज्ञान दर्शन चारित्र का प्रकाशपूंज दिया!
*धर्म धुरंधर संत शिरोमणी ने,*
कलियुग में सतयुगी संतंता का दर्शन दिया!
*तपोसाधना से,*
आध्यात्मिक धर्मसंघ का सिंहनाद किया।।
आध्यप्रवर्तक आर्य भिक्षु को नमन हमारा!!
क्रांतिकारी भैक्षव शासन को नमन हमारा!!
।। ऊं अर्हंम्।। ऊं भिक्षु।।
रचनाकार::
मोहनलाल भन्साली “कलाकार”
गंगाशहर, 7734968551
दिनांक: 18.07.2024














