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गुरू शिष्य का संबंध शरीर से नहीं हृदय से होता है-गोस्वामी सुशील महाराजसत्संग व संयुक्त परिवार आज की जरूरत-विमर्शानंद जी महाराज


हिमालय परिवार, बीकानेर जिला द्वारा लालेश्वर महादेव मंदिर परिसर में सत्संग का आयोजन किया गया । महासचिव आर के शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिष्ठाता विमर्शानंद जी महाराज ने की व मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय सर्व धर्म संसद के राष्ट्रीय संयोजक गोस्वामी सुशील जी महाराज उपस्थित थे । अध्यक्षता करते हुए विमर्शानंद जी महाराज ने कहा कि वर्तमान युग में सत्संग और संयुक्त परिवार की आवश्यकता है । अच्छा वातावरण, विश्व शांति व संस्कृति को बचाये रखने के पूरा विश्व भारत देश को देख रहा है । किसी भी वर्ग विशेष से पहले हम भारतीय है तथा राष्ट्रीयता सर्वोपरि । शांति, सद्भावना मानवता के कल्याण हेतु विश्व भर में कार्य करते हुए अनेक आयोजनों में हिस्सा लेते रहते हैं एवं भारत की संस्कृति के प्रचारक सुशील जी महाराज ने उपस्थितों को सम्बोधित करते हुए कहा कि गुरू और शिष्य का संबंध शरीर से नहीं होता बल्कि हृदय से होता है । शरीर तो नष्ट हो जाता है लेकिन संबंध बना रहता है । संवित सोमगिरिजी महाराज की प्रेरणा से आध्यत्म की ओर अग्रसर हुए सुशील जी महाराज शिकागो, लंदन, स्पेन, मोरक्को , इंडोनेशिया, बहरीन आदि देशों में सद्भावना कॉन्फ्रेंस में भाग लेकर भारत का नाम रोशन किया है। महर्षि भृगु पीठाधीश्वर नोएडा के गोस्वामी सुशील जी महाराज का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान किया गया है । यूएन असेंबली न्यूयॉर्क में भी आपको सम्मानित भी किया गया । इस अवसर पर विमर्शानंद जी महाराज, हिमालय परिवार की प्रांतीय अध्यक्ष डा. सुषमा बिस्सा, संरक्षक बिहारी लाल शर्मा, जिलाध्यक्ष नरेश अग्रवाल व महासचिव आर के शर्मा द्वारा सुशील जी महाराज का माल्यार्पण और शॉल ओढ़ाकर अभिनन्दन भी किया गया । कार्यक्रम में गोरधन शर्मा, संतोष शर्मा, रमाकांत शर्मा, मनोहर लाल वर्मा, सुरेश गुप्ता, महेश भोजक, सुरेन्द्र सिंह, भुवनेश, रमेश जोशी, श्रीमती रेखा गुप्ता, विजय कंवर, कविता यादव, नीलम जोशी, सुशीला अग्रवाल, आनंद देवी, सविता देवी, वीणा यादव सहित अनेक सत्संगी उपस्थित थे ।

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Prakash Samsukha

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