बीकानेर, 10 नवम्बर। जैनाचार्य जिन पीयूष सागर सूरीश्वरजी महाराज व मुनिवृंद, साध्वी श्री विजयप्रभा, प्रभंजना जी महाराज आदि ठाणा 5 के सानिध्य में आयोजित दो दिवसीय प्रखर बीकानेर अधिवेशन रविवार को ढढ्ढा चौक भक्ति संगीत संध्या के साथ संपन्न हुआ। अधिवेशन के अंतिम दिन अपनी मातृभूमि व जैन समाज के विकास के लिए प्रवासी बीकानेर के जैन समाज के बंधुओं ने गहन चर्चा के बाद अनेक शैक्षणिक, सामाजिक, धार्मिक उत्थान के कार्यां का निर्णय लिया ।
आचार्यश्री जिन पीयूष सागर सूरीश्वरजी ने गीत के माध्यम से बीकानेर के चहुंमुखी विकास और जिनशासन की प्रभावना करने का संदेश दिया। मुख्य वक्ता बीकानेर के मुनि सम्यक रत्न सागर महाराज ने जैनाचार्य श्री की भावना का विस्तार करते हुए कहा कि बीकानेरी अपनी भाषा, बोली, वेशभूषा व विशेषताओं को कायम रखे। बीकानेर की व्यापक जानकारी के लिए ऑनलाइन युवाओं व बच्चों की प्रतियोगिताएं करें। पूरक, प्रेरक व पोषक बनकर संघ व समाज के विकास में सहभागी बनें। धार्मिक व सामाजिक कार्यों में अहंकार नहीं करें, दूसरों के उत्थान को देखकर प्रसन्नचित रहे । वर्ष में एक बार तीर्थ स्थल पर सभी प्रवासी मिलकर चर्चा करें। दो व पांच वर्षों के अंतराल में किसी जैन तीर्थ स्थल पर अधिवेशन करें। धर्म, संस्कृति व संस्कारों का पोषण करते हुए अपनी मातृभूमि के ऋण से उऋणी बनें तथा जैनम, जयती शासनम को बढ़ावें।
मुख्य अतिथि बीकानेर की महापौर सुशीला कंवर थीं । उन्होंने बीकानेर के विकास में प्रवासी नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा की। इस अवसर पर अधिवेशन समन्वयक मुंबई प्रवासी नव रतन पारख, खरतरगच्छ सहस्त्राब्दी समारोह के संयोजक दिल्ली के ललित नाहटा, जैसलमेर के श्री जैन श्रीसंघ के अध्यक्ष महेन्द्र भंसाली, सी.ए.राजेन्द्र लूणिया सहित अनेक वक्ताओं ने अपने रचनात्मक सुझाव दिए। अधिवेशन में एक समिति का गठन किया गया जो शिक्षा के क्षेत्र में आर्थिक कारणों से समग्र बीकानेर के जैन समाज के विद्यार्थियों का आर्थिक तथा कमजोर व जरूरत की शिक्षा, स्वरोजगार, चिकित्सा में सहयोग करेंगा। बीकानेर में पेढ़ी की स्थापना श्री जिनेश्वर युवक परिषद के सहयोग से स्थापित की जाएगी। जिनेश्वर युवक परिषद के अध्यक्ष संदीप मुसरफ, मंत्री मनीष नाहटा की टीम ने स्वीकृति प्रदान की। जिनेश्वर युवक परिषद कमजोर, जरूरतमंद विद्यार्थियों का चयन कर प्रखर कमेटी को भेजेगा उसके बाद विद्यार्थियों को अर्थ सहयोग प्रदान किया जाएगा। प्रखर कमेटी का संयोजक आदि का मनोनयन किया गया। इस अवसर पर आचार्यश्री ने नाल के मंदिर की प्रतिष्ठा, उदयरामसर के कार्यक्रम में सान्निध्य प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की। कोटा के श्री बहादुर मल भंडारी की ओर से प्रकाशित पुस्तिका ’’देव वंदन विधि’ का लोकार्पण श्रेणी तप की तपस्वी चन्द्रा नाहटा व 16 उपवास की तपस्वी आरती बेगानी व मधु मुसरफ ने किया। श्री सुगनजी महाराज का उपसरा ट्रस्ट के मंत्री रतन लाल नाहटा ने प्रखर अधिवेशन के सफल संयोजन में परोक्ष-अपरोक्ष भागीदारी निभाने वाले पुनेश मुसरफ, विपुल कोठारी, अंकित गुलगुलिया, अधिवेशन के समन्वयक नव रतन पारख, जिनेश्वर युवक परिषद व अन्य सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए जैनाचार्य श्री जिन पीयूष सागर सूरीश्वरजी के चातुर्मास को बीकानेर में ऐतिहासिक बताया।
श्री जैन संघ जैसलमेर के अध्यक्ष महेन्द्र भंसाली व जैसलमेर, लौद्रवपुर पार्श्वनाथ जैन श्वेताम्बर ट्रस्ट के सदस्यों ने आचार्यश्री व प्रखर अधिवेशन में हिस्सा लेने वाले श्रावक-श्राविकाओं को प्रथम दादा गुरुदेव जिन दत्त सूरीश्वर का चादर महोत्सव 6 से 8 मार्च 2026 में भागीदारी की आमंत्रण दिया। चादर महोत्सव में भारत के सभी साधु साध्वी शामिल होंगे।
बीकानेर की खूबियों पर नाटक व सांस्कृतिक कार्यक्रम
पांच शताब्दी से अधिक प्राचीन बीकानेर नगर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, परंपराओं, खान पान, लोगों की मिलनसारिता, सहयोग व सदभावना पर आधारित नाटक प्रसिद्ध रंगकर्मी व निर्देशक भरत राजपुरोहित के निर्देशन में मंचित किया गया। सुश्री टिविन्कल नाहटा के नेतृत्व में जैन धर्म की प्रभावना वाले गीतों पर प्रभावी नृत्यों की प्रस्तुति दी गई। नाटक में रजनी सारस्वत, सन्नीसिंह, रोहित सिंह, पूनम चौधरी, प्राची राजपुरोहित, गर्वित मोहिल, आमिर हुसैन, गीतिका वालिया तथा भरत ने भूमिका निभाई। सांस्कृतिक कार्यक्रम का संयोजन करने वाली सुश्री टिविन्कल नाहटा, खुशहाली पारख, पूर्वी बरड़िया व हर्षिता कोचर का अभिनंदन दिल्ली की विनीता बैद, आशा नाहटा, जयश्री पारख, किरण पारख व सुशीला मुसरफ ने किया।















