


नोखा। रोड़ा गांव में स्व. कमला देवी एवं स्व. फुसराज करनाणी की पुण्य स्मृति में फुसराज चोरुलाल करनाणी परिवार द्वारा शनिवार से पांच दिवसीय नानी बाई रो मायरो कथा का शुभारंभ हुआ। पहले दिन कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ सग़त श्री आवड़ स्वरूपा श्री लक्ष्मी बाईसा महाराज के सानिध्य में रूपनाथ जी मंदिर से शुरू होकर रोड़ा रोड़ होते हुए बैंड -बाजा, आतिशबाजी, झांकियो, ऊंट-घोड़ो के साथ कथा स्थल पहुंची। साथ में बड़ी संख्या में महिलाएं सर पर कलश धारण किए भजन कीर्तन करते हुए चल रही थी। और आगे मनमोहक सजीव झाकिया *भी आगे आगे चल रही थी। गाजे-बाजे के साथ निकाली गई कलश यात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर धर्म लाभ उठा रहे हैं। विधिवत पूजा अर्चना के साथ कथा स्थल पर गद्दी व्यास की स्थापन की गई। कथा वाचन करते हुए कथा वाचक सुश्री आरती रांकावत ने नानी बाई का मायरा कथा प्रारंभ करते हुए भक्ति के प्रकार एवं नाम-महिमा का महत्व बताया एवं मानव मात्र के कल्याण का मार्ग कैसे प्रशस्त हो इस बारे में अपने प्रवचन में बताकर श्रद्धालुओं को भक्तिरस से सरोबार किया। उन्होंने कहा कि नरसी कोई अवतारी पुरूष नही थे, वे साधारण पुरूष थे। हम माया के पीछे भागते हैं और नरसी हरी भजनों के पीछे भागते थे इसलिए उन्हें भगवान प्राप्ति हो गई। कथा का आयोजन 4 दिसंबर तक रोजाना दोपहर 12:15 से शाम 4:15 बजे तक होगा। कथा में पहले दिन बड़ी संख्या में श्रोताओं की भीड़ रही।















