
नोखा। देश व्यापी गो-सम्मान आहवान अभियान के तहत प्रथम चरण में सोमवार 27 अप्रैल को नोखा के लाहोटी चौक में साधू संतो के सानिध्य में धर्मसभा का आयोजन हुआ जहाँ मुकाम पीठाधीस्वर स्वामी रामानन्द महाराज, समराथल धोरा के स्वामी छगन प्रकाश, नोखा के स्वामी अणदाराम महाराज, स्वामी श्रवणदास महाराज आदि ने कहा कि आज हमारी गौ माता बहुत दुखी है गौमाता की हत्या और तस्करी हो रही है। भारतीय संस्कृति में जिस गाय को मां की संज्ञा दी गई है उसे कोई सम्मान महीं मिल रहा है राजस्थान और हैदराबाद उच्च न्यायालयों द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने व गौ वध करने वाला को आजीवन कैद (कारावास) की सजा की सिफारिश के बावजूद व वर्षों से गौ हत्या बंद करने के लिए कानून बनाने की मांग की जाती रही है लेकिन बहरी गूंगी सरकार कुंभ करणी नींद सो रही है उसे जागाने के लिए आज देशभर में साधू संतों और आम जनों को संघर्ष के लिए सड़को पर उतरना पड़ रहा है। 27 अप्रैल को नोखा के लाहोटी चौक से साधू संतों के सानिध्य में विशाल रेली का आयोजन किया गया जिसने हजारो की तादाद में नर भारी जो भक्तों ने हाथों में श्लोगन लिखी तकतीया लेकर चलते हुए नोखा उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पहुंच कर उपखण्ड अधिकारी गोपाल जांगीड को राष्ट्रपती, प्रधान मंत्री राज्यपाल और मुख्य मंत्री के नाम के 4 ज्ञापन सेट दिए गये । इस दोरान बनवारीलाल डेलू, आसकरण भट्टर, शिवनारायण झंवर, निर्मल भूरा, शिवकरण डेलू, इन्द्रचन्द मोदी, जेठू सिंह राजपुरोहित, बजरंग पालीवाल, महेश झंवर, महेंद्र संचेती, नरेन्द्र चौहान, रमेश सोनी, प्रहलाद मोहता, सुभाष खारा, रीछपाल फोजी, द्रोपती बिश्नोई, जयश्री भूरा, केशव करवा, कन्हैयालाल करवा, नरेंद्र राजपुरोहित सहित बड़ी तादाद में गणमान्य लोग उपस्थित थे।










