अमूल्य वो नगीना… जिन्हे दी सौगात उनसे खाई है मात
देश के लिए जीना 56 इंच सीना, विष साफ करने को विष भी पीना। अमूल्य वो नगीना।। अमूल्य वो नगीना।। वो तो दुरुस्त है लौह पुरुष है, न डरे कांटों से हरदम हष्ट पुष्ट है, श्रम से बहाए वो पसीना। अमूल्य वो नगीना।। अमूल्य वो नगीना।। जिन्हे दी सौगात उनसे खाई है मात, वार पीठ … Read more