राष्ट्रीय कवि चौपाल में ऋषि संत गुरुजनों का हुआ सम्मान
गुरु ही है जो अज्ञान अंधेरे, संशय घनेरे, दुर्गुणों से दूरी बढ़ाते हुए प्रभो से कालजयी सान्निध्य बनाए देता है विकार मुक्त, तत्व से युक्त अर्थ सुक्त से तीनों सद्गुणों से संजोते हैं गुरु देव.. बलिहारी गुरु आपणे गोविंद दियो बताय का गहन मर्म समझना ही शिष्यत्व है, अर्जुन की तरह शरणागत शिष्य का ही … Read more