बीकानेर ।नारी जागरण और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए देश भर में नारी जागरण सम्मेलन और संगोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है ।
गायत्री परिवार जिला समन्वयक मुकेश व्यास ने बताया कि अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार एवं प्रज्ञा संस्थान किलचु के संयुक्त तत्वावधान में नारी जागरण जिला स्तरीय महिला सम्मेलन किलचु में आयोजित किया गया। नारी जागरण सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, आत्मरक्षा और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
कार्यक्रम प्रभारी पंकज गोयल ने बताया कि महिला सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि उर्मुल सीमांत समिति चैयरपर्सन सुशीला औझा, मुख्य वक्ता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीमा हिंगोनिया, चुरु उपजोन महिला समन्वयक नीलम शर्मा, गोपाल स्वामी तथा मुख्य प्रबंध ट्रस्टी पवन कुमार ओझा द्वारा गायत्री माता के तेलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर किया गया।
गायत्री परिवार ट्रस्टी एवं मीडिया प्रभारी देवेन्द्र सारस्वत ने बताया कि मुख्य अतिथि सुशीला औझा ने महिला शिक्षा और स्वास्थ्य पर उद्बोधन देते हुए कहा कि नारी सृष्टि की अमुल्य देन है। जो सृष्टि के वातावरण में वात्सल्य, दया, क्षमा तथा करुणा का भाव जागृत करती है वहीं दुर्गा स्वरुप में शक्ति और रक्षा का आश्वासन भी प्रदान करती है। महिलाओं को शिक्षा के साथ-साथ आत्मरक्षा के लिए भी सशक्त होने से ही सही मायने में नारी का वास्तविक स्वरूप सामने आ सकता है। मुख्य वक्ता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं आरएसी तीसरी बटालियन की कमांडेंट सीमा हिंगोनिया ने महिला सम्म्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि केवल नौकरी प्राप्त करना ही कामकाजी महिलाओं का लक्ष्य नही होना चाहिए बल्कि स्वयं सशक्त होकर अन्य महिलाओं की कमजोरियों को दूर करने के लिए तत्पर रहना चाहिए।
उपजोन महिला समन्वयक नीलम शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षित और स्वावलंबी नारी अपने परिवार एवं समाज को बुलंदियों तक ले जा सकती है। नारियों को हाथ का कौशल सृष्टि से मिला हुआ है उसे सही दिशा देने की जरूरत है। नारी जागृति सम्मेलन को माया औझा, पुनम गोयल, चंदा व्यास, गोपाल स्वामी तथा जगजीत सिंह ने संबोधित किया। नारी जागरण सम्मेलन में पंकज गोयल, करणीदान चौधरी, प्रवीण तंवर, राधेश्याम नामा, शशांक गंगल तथा अमर सिंह वर्मा ने सहयोग प्रदान किया।पुनम गोयल ने नारी जागृति सम्मेलन मे पधारे आगुंतकों का आभार व्यक्त किया।

















