
और मंदिर में ही भोज प्रसाद का आयोजन किया गया।
नोखा। यहाँ तहसील परिसर स्थित अर्केश्वर महादेव मंदिर में मंदिर परिवार की ओर से विद्वान पंडितों बलराम कढांतला व मधुसूदन कढांतला के सानिध्य में मंत्रोचार सहित विधि विधान से हो रही श्रावणी पूजा के 13वें दिन श्रावण के दूसरे सोमवार एवं सोम प्रदोष के दिन भगवान महादेव का देशी घी से अभिषेक व महादेव के प्रिय मिस्ठान देसी घी के मालपुआ से सहस्रार्चन किया गया। रोड़ा निवासी विद्वान पंडित बलराम कठातला ने कहा कि पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान भोले महादेव की पूजा अर्चना करने पर सुख-सौभाग्य, शांति एवं आरोग्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि तैंतीस कोटि देवी-देवताओं में भगवान भोलेनाथ शिवजी ही एक मात्र ऐसे देवता हैं जिन्हें देवाधिदेव महादेव माना गया है। भगवान शिवजी की विशेष कृपा प्राप्ति के लिए शिवपुराण में विविध व्रतों का उल्लेख है, जिसमें श्रावण मास के सभी सोमवार का व्रत प्रमुख है। श्रावण मास के सभी सोमवार व प्रदोष को व्रत रखा जाता है। पूजा करवाने वाले विद्वान पंडित बलराम कठातला (रोड़ा) ने बताया कि इस बार श्रावण मास का द्वितीय सोमवार 10 अगस्त को है व इसी दिन द्वादशी एवं त्रयोदशी तिथियाँ संयुक्त रूप से हैं। श्रावण मास में प्रदोष व्रत, शिव-चतुर्दशी के व्रत की भी विशेष महिमा है। श्रावण मास में स्वच्छ मिट्टी, गंगाजल से पार्थिव शिवलिंग निर्माण करके विधि विधान से की जाती है। वैसे तो भगवान महादेव की पूजा अर्चना कभी भी की जा सकती है। इन दिनों शिवालयों में नियमित पूजा अर्चना, अभिषेक व सहस्रार्चन करना लाभकारी है। भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होकर अपने भक्तों को सुख-समृद्धि, खुशहाली का आशीर्वाद देते हैं।
अर्केश्वर शिवालय टीम के इन्द्रचन्द मोदी द्वारा जारी प्रेसनोट में बताया कि टीम के प्रमुख दिनेशसिंह राजपुरोहित की अगुवाई में पूजा करने वालों में मोहित जोशी, ओमप्रकाश राठी, ओमप्रकाश पारीक, मदन जोशी, जयकरण चारण, विजय मारू, प्रवीण भूरा, अनिल पारीक, नवरतन सोनी, राधे सोनी, घनश्याम छींपा, नवीन पंचारिया, गोपाल मालाणी, राजू पनवाड़ी, मालचन्द सेवक सहित टीम के सभी सदस्यों और बड़ी तादाद में उपस्थित शिव भक्तों ने विशेष पूजा अर्चना व आरती करके पुण्य लाभ लिया। पूजा के बाद भगवान महादेव के प्रिय मालपुआ से मंदिर में भोज का आयोजन हुआ।













