
बीकानेर। मुरलीधर व्यास नगर स्थित GBSN स्कूल में छात्राओं के लिए कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में श्रीमती माधवी मोदी, RJS, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-2, बीकानेर ने छात्राओं को Good Touch और Bad Touch के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी तथा उन्हें अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को समझाया गया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने शरीर की निजता और सुरक्षा का अधिकार है। किसी भी व्यक्ति द्वारा ऐसा स्पर्श या व्यवहार जिससे बच्ची असहज, भयभीत या असुरक्षित महसूस करे, उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। छात्राओं को यह भी बताया गया कि उन्हें किसी भी अनुचित व्यवहार के सामने चुप रहने की आवश्यकता नहीं है और ऐसी स्थिति में तुरंत किसी भरोसेमंद अभिभावक, शिक्षक या जिम्मेदार व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
असहज स्थिति में तुरंत आवाज उठाने की सीख
न्यायिक मजिस्ट्रेट ने छात्राओं को बताया कि अपनी सुरक्षा के लिए जागरूक और सजग रहना बेहद जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके से छूने, डराने, धमकाने या असहज करने का प्रयास करता है तो छात्राओं को स्पष्ट रूप से ‘नहीं’ कहना चाहिए, वहां से सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए और घटना की जानकारी किसी विश्वसनीय बड़े व्यक्ति को देनी चाहिए।
उन्होंने छात्राओं को यह संदेश भी दिया कि गलत व्यवहार के लिए पीड़ित बच्ची जिम्मेदार नहीं होती। किसी भी अनुचित घटना को छिपाने के बजाय उसके बारे में बताना आवश्यक है, ताकि समय रहते उचित सहायता और कानूनी संरक्षण मिल सके।
कानून और अधिकारों की जानकारी
कार्यक्रम में छात्राओं को बाल सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों के प्रति भी जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए कानून में कई महत्वपूर्ण प्रावधान मौजूद हैं और जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता एवं संरक्षण प्राप्त किया जा सकता है।
विद्यालय में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को केवल Good Touch और Bad Touch की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और आत्मविश्वास के प्रति सजग बनाना भी रहा।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने विषय से संबंधित जानकारी को ध्यानपूर्वक सुना। विद्यालय परिवार की ओर से ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को बच्चों के सुरक्षित एवं आत्मविश्वासी भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
विद्यालय स्तर पर आयोजित इस तरह के कार्यक्रम बच्चों को कम उम्र में ही अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें किसी भी गलत परिस्थिति में सही कदम उठाने का आत्मविश्वास प्रदान करते हैं।















