नोखा। यहाँ चातुर्मास सत्संग समिति नोखा की ओर से 29 जुलाई 2026 से 20 अक्टूबर तक आयोजित भव्य चातुर्मास महोत्सव के पावन अवसर पर कथा व्यास अनन्त विभूषित परम पूज्य दण्डी स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती महाराज (वृंदावन) के श्री मुख से हो रही श्रीवाल्मीकि रामायण कथा के दौरान कोटा (राजस्थान) से पधारे रामायण, भागवत कथा मर्मज्ञ आचार्य राजेश महाराज ने खचाखच भरे पांडाल में उपस्थित हजारों नर-नारी दर्शक श्रोताओं से कहा कि आपके सामने विराजित हमारे दादा गुरु सहित सभी दण्डी स्वामी सनातन के प्रहरी हैं आपको अवसर मिला है आप इन्हें सुनकर अपने जीवन का कल्याण कर सकते हैं। इनके दर्शन मात्र से ही आपको भगवान के दर्शन हो जाते हैं।
राजेशजी महाराज ने कहा कि हमारे गुरुदेव ने दो हीरे दिये हैं एक तो आपके सामने व्यास पीठ पर विराजित आपको श्रीवाल्मीकि रामायण कथा का रसास्वादन करवाते हुए सनातन धर्म की परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं और सनातन धर्म की रक्षा कर रहे हैं इनके दर्शन मात्र से ही आपका कल्याण हो जाता है। इन्होंने कहा कि हमारे दादा गुरु परम पूज्य दण्डी स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती जी ने क्या नहीं किया ‘धर्म की जय हो अधर्म का नाश हो’ कहते-कहते सैकड़ों साल बीत गये। राजेश महाराज के ओजस्वी धारा प्रवाह प्रवचन के दौरान व्यास पीठ पर विराजित दण्डी स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती महाराज (वृंदावन) मुस्कुरा रहे थे।
आचार्य राजेश महाराज कहते हैं कि बड़े पुण्यों के कारण आपको मानव शरीर मिला है मनुष्य शरीर बड़ा दुर्लभ है मानव माँ की कोख में भगवान से वादा करता है कि मुझे बाहर निकालो मैं आपकी सेवा पूजा सत्संग और परोपकारी अच्छे कार्य करूँगा लेकिन माँ की कोख से बाहर आते ही सब कुछ भूल जाता है किसी भी क्षण हम चले जाएँगे समय बीता जा रहा है भगवान के हो जाओ आपका कल्याण हो जायेगा।


















