
भामाशाह की बदौलत गोवंश बचाने में धन की कमी नहीं आने देंगे भूरा,कुलरिया परिवार ने दिए 10 लाख
बीकानेर : नोखा भारतीय संस्कृति में जिस गाय को मां की संज्ञा दी गई है उसका ऐसा हश्र आज से पहले कभी नहीं हुआ सनातन धर्म में गौ माता को 33 कोटि देवी देवताओं का निवास स्थान माना गया है लेकिन वर्तमान में नोखा सहित राज्य में अधिकांश क्षेत्रों में गोवंश लंपी रोक के ग्रस्त होकर काल के मुंह में जा रहा है इस महामारी से गोवंश तड़प तड़प कर मर रहे हैं ।राज्य सरकार का इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है यह तो भला है उन दानदाताओं भामाशाह का जो दिल खोलकर धन दे रहे हैं नोखा के मूल निवासी दानदाता भामाशाह संत पदमाराम कुलरिया परिवार शंकरलाल कानाराम और धर्माराम पदम इंटीरियर की ओर से 5 लाख और मगाराम कुलरिया के द्वारा 5 लाख को सेवार्थ देखकर गोवंश को बचाने के लिए नोखा की श्री गंगा गौशाला की बहुत मदद की है। गौशाला समिति के अध्यक्ष निर्मल कुमार भूरा सदस्य दिलीप कुमार वैद्य सतीश झंवर और इंदरचंद मोदी ने उनके निवास पर जाकर आभार जताया ।
भूरा ने बताया कि इन भामाशाह की बदौलत गौशाला में लंपी से पीड़ित गोवंश को गौशाला मैं लाकर उनका उपचार कर रही है ।धन की कमी नहीं आने दी जाएगी करीब 600 गोवंश स्वस्थ है हो चुकी है और 500 का इलाज चल रहा है।















