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राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र (एनआरसीसी) बीकानेर एवं सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर के बीच एमओयू किया गया
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एनआरसीसी व एसपी मेडिकल कॉलेज मिलकर करेंगे शोध-मानव रोगों में कितना उपयोगी है कैमल मिल्‍क, एनआरसीसी बीकानेर एवं सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर के बीच आज एक महत्‍वपूर्ण एमओयू किया गया है।

इस द्विपक्षीय समझौते (एमओयू) पर भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र, बीकानेर के निदेशक डॉ. आर्तबन्धु साहू एवं सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मोहम्मद सलीम ने हस्ताक्षर किए। इस महत्वपूर्ण एमओयू पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए केन्द्र निदेशक डॉ. आर्तबन्धु साहू ने कहा कि इस एमओयू के माध्यम से हम मिलकर कैमल मिल्क व इससे निर्मित दुग्ध उत्पादों की मानव के विभिन्न रोगों यथा-क्षय रोग, डेंगू, मधुमेह व अन्य रोगों में सहायक थैरेपी के रूप में शोध कार्य करेंगे।
डॉ. साहू ने कहा कि ऊँटनी के दूध व उत्पादों का सदियों से परपंरागत औषधीय उपयोग होता रहा है। इन्हीं गुणों को वैज्ञानिक तरीके से मानव रोगों में क्लिनिकल शोध के द्वारा प्रमाणित करने के लिए अनेकों योजनाएं आने वाले समय में क्रियान्वित की जाएगी। उन्होंने कहा कि शोध के सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने पर उष्ट्र विकास एवं संरक्षण को भरपूर बल मिलेगा। साथ ही इससे मरुस्‍थल के जहाज की ‘औषधीय भण्‍डार’ के रूप में उपादेयता को भी सिद्ध करने में महत्ती सहायता मिल सकेगी।
एसपी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मोहम्मद सलीम ने एनआरसीसी से इस एमओयू के माध्यम से जुड़ने पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि एनआरसीसी एक उत्कृष्ट अनुसन्धान संस्थान है तथा ऊँटनी के दूध की औषधीय उपयोगिता को दृष्टिगत रखते हुए विभिन्न मानव रोगों के उपचार के लिए शोध कार्य किया जाएगा। इस एमओयू के तहत आने वाले समय में अनेकों शोध कार्य समन्वयात्मक रूप से क्रियान्वित किए जा सकेंगे।

इस एमओयू पर अन्य हस्ताक्षरी के रूप में एसपी मेडिकल कॉलेज की ओर से डॉ. बालकिशन गुप्ता, वरिष्ठ प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (मेडिसिन), डॉ. सुरेन्द्र कुमार, अतिरिक्त प्रिंसिपल, डॉ. संजय कुमार कोचर, डॉ. अंजली गुप्ता एवं डॉ. परमिन्द्र सिरोही थे, वहीं एनआरसीसी की तरफ से डॉ. राकेश रंजन, प्रधान वैज्ञानिक एवं डॉ. श्याम सुन्दर चौधरी, वैज्ञानिक मौजूद रहे।

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