रिपोर्टर हनुमान प्रसाद सोनी सरदारशहर

अशोक स्तंभ के पास एचआर स्कूल की बच्चों से भरी स्कूल वैन और कार की हुई टक्कर, नशे में धुत था स्कूल वैन का ड्राइवर,
स्कूल वैन के ड्राइवरों की लापरवाही के चलते समय समय पर हादसे होते रहते हैं। ऐसा ही एक मामला शनिवार को सामने आया जहां एचआर स्कूल की वैन को नशे में धुत ड्राइवर चला रहा था। स्कूल से छुट्टी होने के बाद स्कूल वैन में 16 बच्चे सवार थे और उनको छोड़ने अलग-अलग गांव जा रहा था। बाबेल चौक के पास ड्राइवर नशे में धुत होने के कारण स्कूल वैन को सामने से आ रही एक कार से टकरा दिया, जिसके कारण मौके पर चीख-पुकार मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने स्कूल वैन से बच्चों को निकलवा कर निजी वाहन की सहायता से राजकीय अस्पताल पहुंचाया जहां पर डॉक्टरों ने बच्चों का उपचार शुरू किया। वही सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने नशे में धुत ड्राइवर को हिरासत में लिया और सड़क पर स्कूल वैन व कार को सड़क किनारे करवा कर यातायात को सुचारू करवाया। जिसके बाद पुलिस नशे में धुत स्कूल वैन के ड्राइवर को लेकर राजकीय अस्पताल पहुंची और नशे में धुत ड्राइवर का डॉक्टरों से मेडिकल करवाया। वहीं अस्पताल में जब बच्चों को लाया गया तब अस्पताल में बच्चों की चीख-पुकार मच गई और बच्चों का रो रो कर बुरा हाल था और बच्चे अपने परिजनों से मिलने की जिद करने लगे। वहीं डॉक्टरों ने हादसे में घायल बच्चों का उपचार शुरू किया। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में भीड़ इकट्ठा हो गई। लेकिन मामले में लापरवाही यह रही कि स्कूल प्रशासन की ओर से हादसे के बाद भी कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई और परिजनों ने जब बच्चों के लेट होने का कारण पूछा तो उनको कहा गया कि स्कूल वेन अलग रास्ते से आने के कारण बच्चों को लेट हो रही है। बच्चों ने अस्पताल में मौजूद लोगों के फोन लेकर परिजनों को हादसे की सूचना दी, जिसके बाद आनन-फानन में परिजन राजकीय अस्पताल पहुंचे। वही हादसे में कुल मिलाकर एक दर्जन बच्चे चोटिल हुए, जिनमें से 5 बच्चों को ज्यादा चोट आई। वही इतने बड़े हादसे के बाद भी कोई भी प्रशासनिक अधिकारी राजकीय अस्पताल बच्चों की कुशलक्षेम पूछने नहीं पहुंचा। बच्चों के परिजनों ने बताया कि ड्राइवर के नशे में रहने की लगातार स्कूल प्रशासन को सूचना दी जा रही थी लेकिन स्कूल प्रशासन इस लापरवाही पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहा था जिसके चलते यह हादसा पेश आया। परिजनों का कहना कि और तो और हादसे की सूचना तक परिजनों को नहीं दी गई। फिलहाल सभी बच्चों का राजकीय अस्पताल में उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। नशे में धुत ड्राइवर पुलिस हिरासत में है। वही स्कूल प्रशासन की लगातार लापरवाही देखने को मिली और हादसे के 2 घंटे बाद भी स्कूल प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति राजकीय अस्पताल नहीं पहुंचा















