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मौसम रा लखण बतावै
कै प्रकृति रीसोणी है ।
✍???? रंगा राजस्थानी _
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“” मेणिये री सारज””
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मौसम रा लखण बतावै
कै प्रकृति रीसोणी है ।
_____✍???? रंगा राजस्थानी __

दिसम्बर आयग्यो पण पीठ अबार भी तपै, ओस पड़ी कौनी साथ ही तिब्बती बाजार रा शूटर/जरकिन्या माथै धूड़ लाग रैयी है। आ बात साधारण कौनी…..

खेती-बाड़ी माँय बिराणी खेत तौ पैला सूँ ही रोवण खारा था हमें ट्यूबवेल आला भी स्यापो चाल रियो है ।
कारण -:
पाणि हजार फ़ीट सूँ नीचे चलों गयो अर कठै तौ एकदम सूँ बूंदड लाग्यो। धोरा आली धरती रौ मिज़ाज अर मौसम दोनों ही बदल ग्यो। कैवे कै ग्लोबल वार्मिंग री शुरुआत हौ चुकी नया-नया असर भी दिखण लाग्या।

1. म्हारे राजस्थान माँय कदई सामान्य सूँ कम बरखा बरसती पण हमें अठै बरखा रा रिकार्ड टूटण लाग रिया है।

2. ” पौ-खादडी रौ खो ” एक अखोणो थौ, जकौ धोरा आली धरती माथे घणी ठंड नै बतावण खातर काम आवतौ पण अबकालै तो अखोणो खोटो साबित हौवतौ लागरीयो है। पत्तों अर फूलों रौ रंग बतावै कै मौसम बदलग्यो।

पश्चिम राजस्थान माँय घणा सैक फसल्या घाठल ( कमजोर) रैवे पण अबकालै घणी कमजोर हौवण रौ अंदेशो है। सरसों री फसल आपरै उफाण माथै हालतकै आई कौनी, कणक रा भी हाल चौखा कौनी।

राजस्थान सरकार भले-ही फसलों रौ हाल जाण-र IGNP नैर सूँ पाणि छोडण री योजना बणा री हौवे पण कम ठंड रै कारण सरसों अर कणक (गेहूँ ) री फसल माँय हाल-तक कोपल्या खुल-र लागी कौनी।
आ….. घणी ग़ौर करण री बात है।

ऐसो ही हाल साग उगावण आले किसानों रौ भी है, समै सूँ पैला साग ( सब्जी ) उगावण आला हुशियार किसान पौधों रै पीला हौवण सूँ परेशान है । पौधा नै ठंड री मार सूँ बचावण खातर मेणिये री सारज ( प्लास्टिक) खरीद तो ली पण ओढावे कैने ? ठंड तो हाल तक पड़ी कौनी।

दिसम्बर माह माँय मौसम रौ बदलतौ मिज़ाज ( लखण ) फसलों रै पकाव माथे तो सवाल खड़ो करै ही है उत्पादन माथै भी खासो फरक पड़ सकै ओ भी बतावै इमै कोई दोराय कौनी।

कृषि अर मौसम विज्ञान रै वैज्ञानिकों नै दरखास्त है कि आपारै राज्य रा घणा सैक किसान मौसम रै मिज़ाज नै समझ कौनी पा रीया अर उत्पादन बढावण रै चकर में मार-भजाभज कीटनाशक अर दवाइयां पौधों माथे छिड़क रीया है ।
ई किसाना नै थोरे डिजिटल प्रोग्राम अर एप्प सूँ जोड़ों अर बतावों कै हमें मौसम रै हिसाब रौ मेवों धरती रै गर्म माँय बोवणौ पड़सी। उम्मीद है कै कृर्षि क्षेत्र रा लंबा-चौड़ा महाविद्यालय ई विषै माथै ग़ौर करैला।

आज खाली राजस्थान रौ नीं आखै देश रौ हर किसान कोरोनो री मार सूँ पैली ही कमज़ोर हौय चुक्यो है ।
ई बख़त आपारौ घणौ-मोटो फर्ज बणै कै फसला नै अर आदमी नै दोनां नै ही बचावा।

धरती माथे कायम करा संतुलन
क्योंकि संतुलन ही जीवन है सा।

म्हारी भासा माँय किसाना री बात
✍???? रंगा राजस्थानी,राहुल
-प्रकृति प्रेमी रचनाकार-

???? HD creation…..

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Gordhan Soni

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