




इंसानियत अभी जिंदा है।। बीकानेर से जयपुर रोड नोरंगदेसर गांव से निकलते ही पेट्रोल पंप से पहले मेन हाईवे रोड पर आज भयंकर एक्सीडेंट रात को करीब 1:30 पर हुआ।
पूनरासर गांव के दो लकड़ी से लदे हुए ऊंट गाड़ों के पीछे से एक कार ने भयंकर टक्कर लगाई।
जिससे कार का आगे का हिस्सा पुरा क्षतिग्रस्त हो गया लेकिन एयरवेग खुलने से कार में बैठे हुए दो जने सकुशल बच गए।
एक ऊंट वाला सकुशल बच गया जिसके कोई खरोंच नहीं आई। दूसरा ऊंट गाड़े वाले को ओर कार वाले को 108 एंबुलेंस से बीकानेर के लिए टरोमा पीबीएम हॉस्पिटल के लिए रवाना किया। 108 एम्बुलेंस 25 मिनट में आ गई थी
हम लोग परिवार डूंगरगढ़ राधेश्याम जी सारस्वत की बेटी की शादी से लौट कर आ रहे थे यह बड़ा एक्सीडेंट देखकर हमारी गाड़ी को रोकी। एक्सीडेंट को कोई दो तीन मिनट ही हुए होंगे। कार नम्बर
RJ45CF6240 कार ने दोनों साथ साथ चल रहे ऊंट गाड़े के पीछे से टक्कर मारी जिससे साथ साथ चल रहे दो ऊंट जो कि मोटी लकड़ियों से भरे हुए थे के नीचे ऊंट दब गए। दोनों ऊंट मोटी लकड़ियों के नीचे दबे हुए तड़प रहे थे। रेगिस्तान के जहाज ऊंट गर्दन मुड़ी हुई दबी हुई थी।आंखों से आशु और ऊंटो के मुख से तेरी आवाज निकल रही थी। डूंगरगढ़ की तरफ से आ रही बारात के बस ओर दो पिकअप एक ट्रक वाले भी रुके । सब ने इस काली रात को अपने अपने मोबाइल की टॉर्च जगा कर वाहन चालको ने अपनी गाड़ियों के लाइट जला कर वहां पर प्रकाश किया।और बस के बराती पिकअप वाले हम सभी ने इंसानियत की भावनाओं को देखते हुए सामूहिक प्रयास से पहले मोटी मोटी लकड़ियों को साइड में किया और घायल दोनों ऊंट जीवित बच गए। एक गाड़ी वाले को गरम रजाई उठाकर सर्दी से बचाव किया और एंबुलेंस में रवाना किया।रात को सर्दी के मौसम में भयंकर सड़क हादसा मैं भी इंसानियत जिंदा रही।। सेवा से बढ़कर कोई संस्कार नहीं।। यह फोटो है जानकारी के लिए उपलब्ध करवा रहा हूं। मां करणी के आशीर्वाद और पुनरासर हनुमान जी कृपा से, बड़े भयंकर हादसे में ऊंट से लेकर मनुष्य तक जिंदा बच गये।। सभी मौजूद भाइयों ने सामूहिक प्रयास से इंसानियत को जिंदा रखा।।
यह पोस्ट सिर्फ जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मैंने की है। सेवा कर रहे सभी भाइयों के सामूहिक प्रयासों से भयंकर हादसे होते हुए भी सबकी जान बची।।
जानकारी एडवोकेट मुकेश ओझा बीकानेर भाजपा जस्सूसर मंडल अध्यक्ष















