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किसानों के लिए अकृषि ऋणों को सुलभ बनाने का प्रयास करें बैंक


बीकानेर, 7 अगस्त। नाबार्ड द्वारा जिले में किसानों तथा गैर कृषि व्‍यापारियों को बैंकों के साथ जोड़ने के लिए जिला स्‍तरीय कार्यशाला का आयोजन सोमवार को किया गया। शुभारंभ नाबार्ड के मुख्‍य महाप्रबंधक राजीव सिवाच ने किया। उन्होंने सभी बैंको को किसानों को केसीसी से इतर अन्‍य समयबद्व ऋण उपलब्ध करवाने के लिए प्रेरित किया। बैंकों को किसानों तथा अकृषि व्‍यापारियों के करीब लाने के लिए जोर दिया। केनरा बैंक क्षेत्रीय प्रबंधक ज्ञानरंजन ने बैंकों द्वारा भारत सरकार की योजनाओं की क्रियान्विति में अपनी भागिता बढ़ाने का आह्वान किया। इस अवसर पर बैंक आफ बड़ौदा, केनरा बैंक, भारतीय स्‍टेट बैंक, राजस्‍थान मरुधरा ग्रामीण बैंक, दी राजस्‍थान स्‍टेट को-आपरेटिव बैंक तथा बीकानेर केन्‍द्रीय सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधकों ने योजनाओं की जानकारी प्राप्‍त की।
नाबार्ड के मुख्‍य महाप्रबंधक ने किसानों तथा स्‍वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अत्‍मनिर्भर बनने के लिए आजीविकोपार्जन की गतिविधियों में शामिल होने के कार्यक्रम का उदघाटन किया। राजीव सिवाय ने एसएचजी के माध्‍यम से आजीविका उद्यम विकास कार्यक्रम के तहत स्‍थापित मसाला यूनिट का दौरा किया। उन्होंने इसे स्‍वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए बेहतर अवसर बताया। इस अवसर पर राजीविका के प्रबंधक राजेन्‍द्र विश्‍नोई, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक रमेश ताम्बिया ने भी विचार व्यक्त किए।

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