
पशुपालन विभाग बीकानेर के सभा भवन में राजस्थान गोपालन निदेशालय के निर्देशक श्री सुभाष महरिया जी ने बीकानेर जिले की गौशालाओं वह जिले के पशु चिकित्सकों की बैठक ली संगठन के अध्यक्ष सूरजमालसिंह नीमराना ने बताया कि गोपालन विभाग

राजस्थान के मुखिया सुभाष जी मेहरिया ने गौशालयों के अनुदान ग्राम पंचायत स्तरीय पशु शाला नंदी शाला पंचायत समिति नंदी शाला गौशाला विकास योजना अन्य योजनाएं जो गौशालाओं को राज्य सरकार के द्वारा मिल रही है उनकी समीक्षा की और गौशालाओं की समस्याओं उनके समाधान हेतु दिशा निर्देश दिए वह राज्य सरकार की योजनाओं को सफल क्रियान्वयन किस प्रकार हो इस पर विचार विमर्श किया आज की बैठक में अपने विचार रखते हुए गोपालन निदेशक सुभाष महरिया ने कहा कि गौशालाएं देशी गोवंश के संरक्षण की सबसे बड़ी कड़ी है हम सबको मिलकर भारतीय देसी को वंश को बचाने के लिए आगे आना पड़ेगा और उसके लिए संवर्धन ही सबसे बड़ा साधन है गौशालाएं आगे बढ़कर संवर्धन का कार्य करें उसमें गोपालन विभाग पशुपालन विभाग व वेटरनरी विश्वविद्यालय का सहयोग लेवे अन्यथा भविष्य में संवर्धन के बिना देशी गोवंश धीरे-धीरे वर्तमान प्रतिस्पर्धा से बाहर हो जाएगा देशी गोवंश का संवर्धन ही भारतीय गौवंश को संभल प्रदान करेगा गौशालयों की समस्याओं उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की।

इस अवसर पर संयुक्त निदेशक व अतिरिक्त संभाग्य निदेशक डॉ वीरेंद्र नेत्रा ने कहा कि बीकानेर की गौशाला है बहुत सुंदर कार्य कर रही है विभाग और गौशालाओं का बड़ा सुंदर समन्वय है इस समन्वय का फायदा भारतीय देशी गोवंश की नस्ल को बढ़ाने के लिए किया जाए उससे अच्छा और कोई विकल्प नहीं है।
आज की बैठक में डॉक्टर राजेंद्र स्वामी, उपनिदेशक डॉक्टर शिवप्रसाद जोशी सूचना अधिकारी गोपाल सिंह नाथावत आदि ने भी अपने विचार रखें
आज की बैठक में बीकानेर श्री कोलायत जी,श्री डूंगरगढ़, नोखा खाजूवाला, पुगल, छत्तरगढ़, लूणकरणसर आदि तहसीलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर माननीय निदेशक महोदय का दुपट्टा व स्मृति चिन्ह अभिनंदन किया गया। आज की बैठक में संघ के महामंत्री निरंजन सोनी, अगर सिंह कोटासर, मालाराम सारस्वत, प्रेम कुमार गोदारा, हनुमान तर्ड, शंकर लाल पारीक खाजूवाला, शंकर लाल पारीक अक्कासर, सत्यनारायण स्वामी, कार्यकारी अध्यक्ष सुरेश कुमार जोशी, हजारी जी मंडा, प्रेम सिंह घूमांदा, रणवीर सिंह रावतसर, चंदवीर सिंह, सुनील व्यास, श्यामसुंदर राठी, सत्यनारायण राठी, राजेश बिनानी, बलदेव दास भादानी, राजूराम जी उपाध्याय ने भाग लिया।













