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जवान रामस्वरूप कस्वां की मौत: तीसरे दिन भी जारी धरना, सांसद हनुमान बेनीवाल धरनास्थल पहुंचे



बीकानेर – श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) के अनंतनाग में बीकानेर के जवान रामस्वरूप कस्वां की मौत के मामले में तीसरे दिन भी धरना जारी रहा और जयपुर-बीकानेर नेशनल हाईवे 24 घंटे से जाम रहा। कस्वां के परिजन उन्हें **शहीद का दर्जा** दिलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। नागौर सांसद **हनुमान बेनीवाल** भी धरना स्थल पर पहुंचे और परिवार के समर्थन में बयान दिया कि “हम सिर्फ शहीद का दर्जा ही मांग रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर वह सरकार में होते, तो 15 मिनट में कस्वां को शहीद का दर्जा दिलवा देते।

बेनीवाल ने सेना द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर कहा कि कस्वां के भाई को गोली लगने की बात बताई गई थी, लेकिन **सुसाइड** की कोई चर्चा नहीं की गई थी। उन्होंने कहा कि यदि यह आत्महत्या होती, तो रामस्वरूप पढ़े-लिखे थे और वे सुसाइड नोट छोड़ते। बेनीवाल ने इस मामले में **कोर्ट ऑफ इंक्वायरी** को अनावश्यक बताया और सेना की ओर से सुसाइड का आरोप लगाने वाले जिला सैनिक अधिकारी को हटाने की मांग की।

**धरना और जाम की स्थिति:**

धरने के कारण बीकानेर शहर में **हाईवे पर जाम** लग गया है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई है। पब्लिक पार्क से जयपुर रोड की ओर जाने वाले वाहनों का मार्ग डायवर्ट कर दिया गया है। अब वाहन जिला कलेक्टर आवास के आगे से पंचशति सर्किल होते हुए सार्दुलगंज कॉलोनी की ओर जा रहे हैं। वहीं जयनारायण व्यास कॉलोनी और पवनपुरी की ओर जाने वाले वाहन सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज और अम्बेडकर सर्किल होते हुए निकल रहे हैं। इस दौरान, बड़ी संख्या में वाहन **पीबीएम अस्पताल** के अंदर से भी गुजर रहे हैं, जिससे मरीजों और सामान्य वाहनों के बीच दिक्कतें बढ़ रही हैं।

**परिजनों की मांग और प्रशासन की प्रतिक्रिया:**

परिजनों और संघर्ष समिति की सबसे बड़ी मांग **शहीद का दर्जा** दिलाना है, लेकिन जिला प्रशासन और राज्य सरकार के पास इसका अधिकार नहीं है। हालांकि, प्रशासन ने शहीद की तरह अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार की मांग को स्वीकार कर लिया है। परिजन यह भी मांग कर रहे हैं कि सुसाइड की घोषणा करने वाले जिला सैनिक अधिकारी पर कार्रवाई की जाए, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

**बेनीवाल का समर्थन और बयान:**

हनुमान बेनीवाल ने अपने बयान में कहा कि अगर लोग **डिप्रेशन** की वजह से आत्महत्या करने लगेंगे, तो सेना में कोई भविष्य नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि “अगर शहीद का दर्जा, पेंशन और अन्य लाभ नहीं मिलेंगे, तो कोई क्यों देश के लिए लड़ेगा?” उन्होंने इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया और कहा कि जब तक कस्वां परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, वह धरना स्थल से नहीं जाएंगे।

**नागौर सांसद ने अपने प्रयासों का जिक्र करते हुए बताया** कि पहले भी नोखा के केड़ली के जवान तुलसाराम के मामले में शहीद का दर्जा दिलाने के लिए उन्होंने संसद में आवाज उठाई थी और इस बार भी वे कस्वां परिवार के लिए ऐसा करेंगे।

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Gordhan Soni

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