Bikaner Live

बाडमेर, चौहटन के के श्रावक-श्राविकाओं के दल ने की
जैनाचार्य जिन पीयूष सागर सूरीश्वरजी की गुरु वंदना

भांडाशाह जैन मंदिर में 18 अभिषेक 3 को
17 भेदी पूजा व ध्वजारोहण 4 अक्टूबर को


बीकानेर, 30 सितम्बर । जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ के जैनाचार्य जिन पीयूष सागर सूरीश्वरजी का सोमवार को ढढ्ढा चौक में बाड़मेर, चोहटन आदि स्थानों से आए श्रावक-श्राविकाओं ने दल ने गुरु वंदना कर अभिनंदन किया। बाड़मेर के मुनि सत्व रत्न सागर के मास खमण के तप के पारणे में भागीदारी निभाई तथा उनकी कुशल क्षेम पूछते हुए मंगलयम, धर्ममय, संयममय जीवन की प्रार्थना की।
बीकानेर के मुनि मुनि सम्यक रत्न सागर ने गंगाशहर में  महावीर इंटरकांटिनेंटल सर्विस आर्गेनाइजेशन, अनाम प्रेम मुबई, सेठ बालचंद डागा चैरिटेबल ट्रस्ट, श्रीमती लूनी देवी डागा, ट्रस्ट और हंशा गेस्ट हाउस बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में जीवन, कार्य, व्यापार, व्यवहार के कौशल को बढ़ाने की तकनीक के बारे में विशेष व्याख्यान दिया।
जैनाचार्य जिन पीयूष सागर सूरीश्वरजी के सानिध्य में मुनि श्रमण रत्न सागर ने मंगल पाठ सुनाया ।  बीकानेर मूल की साध्वी श्री प्रभंजना श्रीजी म.सा., सोमवार को पंडाल में मन की विभिन्न स्थितियों का वर्णन करते हुए कहा कि मन से चिंता नहीं आत्म-परमात्मा और सब जीवों के कल्याण शुभ का चिंतन करें।
उन्होंने कहा कि आत्म परमात्म के चिंतन से ही परम लक्ष्य व तत्व की प्राप्ति संभव है। तन, मन व धन से किसी प्रकार का पाप नहीं करें। जिन शासन में बताया गया है कि मन से पाप करने वालों को परमात्मा का कानून माफ नहीं करता। मन को जीतने की बजाए मन की स्थिति-परिस्थिति को समझें तथा उसको देव, गुरु व धर्म के कार्यों के
उन्होंने कहा कि मन ही कर्म बंधन व मुक्ति का कारण होता है। मन के भाव व विचार भावों पर आधारित रहते है।  भगवान महावीर की मनीषा व जिनवाणी कहती है कि भाव व विचारों को शुद्ध रखें। उन्होंने कहा कि पेट की भूख सीमित तथा मन की आकांक्षा  असीमित रहती है। आकांक्षाआेंं व इच्छाओं पर नियंत्रण करने का प्रयास करें तथा उसको धर्म अध्यात्म तथा सकारात्मक सोच से जोड़ें। लगावें।  बीकानेर की साध्वी श्री  चिद्यशा म.सा.ने मंगलभाव व्यक्त किए।
जैनाचार्य पीयूष सागर सूरीश्वरजी के सान्निध्य में श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट व, जिनेश्वर युवक परिषद की ओर से बाड़मेर व चोहटन के संघ के पदाधिकारियों, वरिष्ठ श्रावकों मदन लाल मालू, अमृत लाल छाजेड़ व पारसमल धारीवाल का अभिनंदन श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट के मंत्री रतन लाल नाहटा, वरिष्ठ श्रावक वीर भ्राता विमल चंद सुराणा ने किया। चौहटन श्री संघ की ओर से प्रभावना से श्रावक-श्राविकाओं का अभिनंदन किया गया।

भांडाशाह जैन मंदिर में 18 अभिषेक 3 को
17 भेदी पूजा व ध्वजारोहण 4 अक्टूबर को
बीकानेर, 30 सितम्बर। जैनाचार्य पीयूष सागर सूरीश्वरजी की निश्रा में पांच शताब्दी से अधिक प्राचीन भांडाशाह जैन मंदिर में 3 अक्टूबर को अभिषेक व 4 अक्टूबर को 17 भेदी पूजा व वार्षिक ध्वजा रोहण समारोह श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के तत्वावधान में होगा।
श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के अध्यक्ष निर्मल धारीवाल ने बताया कि मूलनायक भगवान सुमति नाथ के साथ मंदिर परिसर के अन्य जिनालयों में ध्वजाओं को बदला जाएगा। अष्ट मांगलिक चिन्ह अंकित ध्वजाएं अहमदाबाद से मंगवाई गई है।

Picture of Gordhan Soni

Gordhan Soni

खबर

http://

Related Post

error: Content is protected !!