
अहिंसा के पुजारी और स्वच्छता प्रेमी, बहु-आयामी आदर्शों के महान् व्यक्तित्व महात्मा गांधी को सादर समर्पित।
!!मैं अहिंसा का पुजारी हूं! !!
काव्य पाठ………. मोहन भन्साली
मैं अहिंसा का पुजारी हूं!
अनंत अनंत भाग्यशाली बनूं!
स्वच्छता का संकल्पधारी बनूं!!
जिनवाणी का महिमाधारी बनूं।।
मैं अहिंसा का पुजारी हूं!………….
मानव! रत्नाधिक संयमी बनूं!
ज्ञान दर्शन चारित्र का राही बनूं!!
सात्त्विक आचरणों का पथगामी बनूं।।
मैं अहिंसा का पुजारी हूं!………….
आगम मनिषी का आज्ञाकारी बनूं!
व्यसनमुक्त शुद्ध शाकाहारी बनूं!!
सम शम और श्रम का मंत्राचारी बनूं।।
मैं अहिंसा का पुजारी हूं!………….
सेवा समर्पण का शिष्टाचारी बनूं!
अनेकांत दर्शन का श्रृंगारी बनूं!!
आदर्शों का गुणाकारी बनूं।।
मैं अहिंसा का पुजारी हूं!………….
ऋषि परंपरा का संस्कारी बनूं!
दान दया का सदाचारी बनूं!!
क्षमाशील वीर पुरुषार्थी बनूं।।
मैं अहिंसा का पुजारी हूं!………….
जैन तीर्थ का कुलकर्णी बनूं!
पांच इन्द्रियों का उपकारी बनूं!!
आर्य क्षेत्र का मोक्षगामी बनूं।।
मैं अहिंसा का पुजारी हूं!………….
अनंत अनंत भाग्यशाली बनूं!
सत्य अहिंसा का पुजारी बनूं!!
जिनवाणी का महिमाधारी बनूं।।
मैं अहिंसा का पुजारी हूं!………….
!!ऊं अर्हंम्!!
!! श्रृद्धानत नमन :: सादर समर्पित!!
::रचनाकार::
मोहनलाल भन्साली “कलाकार”
गंगाशहर, बीकानेर, राजस्थान!
दिनांक:: 01.10.2024
मो. 7734968551















