Bikaner Live

श्रीमाली की पुस्तक का हुआ लोकार्पण, पुस्तक आदिशक्ति पीठ हिंगलाज माँ की यात्रा पर है आधारित, अखंड भारत मे ऊर्जा व पराक्रम का महान बिंदु है हिंगलाज पीठ – जानकी नारायण श्रीमाली, राष्ट्रीय एकता व सांस्कृतिक वैभव को जोड़ती पुस्तक है हिंगलाज जात्रा- राजेन्द्र जोशी


राती घाटी शोध एवं विकास समिति के
तत्त्वावधान में विद्वान इतिहासकार जानकी नारायण श्रीमाली द्वारा विरचित राजस्थानी भाषा की पुस्तक “हिंगलाज जात्रा- माँ हिंगलाज सौवीर री आत्मा अर भारत रो सांस्कृतिक रक्षा सूत्र” का लोकार्पण योगी श्री शिव सत्यनाथ जी महाराज अधिष्ठाता श्री 1008 नवलेश्वर मठ सिद्धपीठ के कर-कमलों से सम्पन्न हुआ। शारदीय नवरात्र स्थापना के पुनीत दिवस पर इस पुस्तक का लोकार्पण करते हुए श्री शिव सत्यनाथ जी महाराज ने इस पुस्तक को केवल नाथ सम्प्रदाय के लिए ही नहीं वरन भारत की सांस्कृतिक एकता के लिए भी महत्वपूर्ण बताया।
लोकार्पण से पूर्व विषय प्रवर्तन करते हुए डॉ. राजेन्द्र जोशी ने इस पुस्तक को राष्ट्रीय एकता एवं सांस्कृतिक वैभव से जोड़ने वाली अद्भुत् पुस्तक बताया।
इस अवसर पर पुस्तक के विद्वान लेखक एवं इतिहासकार जानकी नारायण श्रीमाली ने बताया कि हिंगलाज धाम अखंड भारत में ऊर्जा व पराक्रम का महान बिंदु है, यह एक सांस्कृतिक रक्षा सूत्र है जो कि राष्ट्र को एक धागे में पिरोए रखने वाला स्थान है।
इस अवसर पर उपस्थित जुगल किशोर हर्ष “पुजारी बाबा” ने मां हिंगलाज की महिमा बताते हुए इस पुस्तक को भारतीय संस्कृति के लिए मूल्यवान सृजन बताया ।

इस लोकार्पण कार्यक्रम में ओम नारायण श्रीमाली, डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. राम गोपाल शर्मा, मदन मोदी, आनंद स्वामी, सीताराम शर्मा, डॉ.निर्मल कुमार रांकावत एवं अनेक गण्यमान्यजन एवं मातृशक्ति उपस्थित रही।

Picture of Prakash Samsukha

Prakash Samsukha

खबर

Related Post

error: Content is protected !!