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29 अक्टूबर से शुरू होगा पांच दिवसीय दीपोत्सव का पर्व

29 अक्टूबर से शुरू होगा पांच दिवसीय दीपोत्सव का पर्व, भारतीय संस्कृति में दीपावली पर्व की विशेष मान्यता है और इसे पूरे विश्व में धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व धनतेरस (धनत्रयोदशी) से शुरू होकर भइया दूज तक चलता है। इस वर्ष दीपोत्सव का आयोजन 29 अक्टूबर से 3 नवम्बर तक होगा, जिसमें प्रमुख पर्व दीपावली 31 अक्टूबर को मनाई जाएगी। सरकारी कैलेंडर के हिसाब से 31 अक्टूबर को दिवाली का अवकाश है जबकि 1 नवंबर को भी दिवाली बनाने की बात हो रही है। धनतेरस का पर्व इस बार 29 अक्टूबर, मंगलवार को मनाया जाएगा, जो प्रातः 10:32 से 30 अक्टूबर, बुधवार को 1:16 तक रहेगा। इस दिन भगवान धन्वंतरि की जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। इस अवसर पर नए बर्तन, चांदी के सिक्के और आभूषण खरीदना शुभ माना जाता है। दीपावली पर पूजा का शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में सायंकाल 3:18 से रात 7:52 तक रहेगा। स्थिर लग्न सिंह राशि में रात 12:35 से 2:49 तक पूजा का विशेष महत्व है। महानिशीथ काल रात 11:13 से 12:06 तक होगा।29 अक्टूबर से 3 नवम्बर तक अभ्यंग स्नान की विशेष महत्ता है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। इस दौरान सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर तेल लगाकर स्नान करने से आरोग्य सुख प्राप्त होता है। यमराज की कृपा के लिए शाम को मिट्टी के दीपक में तिल का तेल डालकर जलाना चाहिए।

नरक चतुर्दशी या छोटी दीपावली 30 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इस दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर यम के निमित्त तीन जालांजलि अर्पित करने का विधान है। प्रदोष काल में तिल के तेल के 14 दीपक जलाने का महत्व है। इस दीपोत्सव में घर-घर गणेश, लक्ष्मी और कुबेर का स्वागत होगा, जिससे सभी घरों में उजाला और खुशहाली आएगी।

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Prakash Samsukha

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