



बीकानेर, 7 फरवरी। जस्सूसर गेट के बाहर अमर मार्ग पर स्थित दुर्गा माता के मंदिर में शुक्रवार को तीन दिवसीय ’’ नानी बाई के मायरे’’ की संगीतमय कथा शुरू हुई। जोधपुर के डॉ.रामप्रसाद नियमित 9 फरवरी तक दोपहर ढाई बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक राजस्थानी भाषा में कथा का वाचन विवेचन करेंगे।
प्रथम दिन समाज सेवी व बाबा रामदेव के भक्त रामदेव अग्रवाल, मधुसुदन अग्रवाल व श्रीमती सरोज अग्रवाल आदि ने कथावाचक का अभिनंदन व वंदन कर कार्यक्रम की शुरूआत करवाई। रंगकर्मी किशन रंगा ने कथा वाचक का परिचय दिया। कथा के आयोजक मंदिर के संस्थापक कोलकाता प्रवासी बीकानेर निवासी प्रकाश कुमार मोहता ने मंगलकामना प्रेषित की।
प्रथम दिन कथा में कथा वाचक डॉ.रामप्रसाद ने कहा कि अनन्य भाव से निष्काम भक्ति करने वाले भक्त के पास भगवान दौड़े आते है। नरसी भक्त जैसे सच्चे परमात्म भक्तों की महिमा शास्त्रों में बताई गई है। उन्होंने ’’ज्ञान बहे गुण मिले’’, ’’भक्ति उपजे भय मिटे’’ सहित अनेक भक्ति गीतों के साथ परमात्मा के परम भक्त नरसी के विभिन्न प्रसंगों से साक्षात्कार करवाया।














