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श्रीमद भागवत कथा सभी वेदों का सार – संत गोपीराम महाराज

नोखा| धर्म नगरी नोखा में सत्संग समिति द्वारा श्राद्ध पक्ष के अवसर पर श्री कृष्ण मंदिर परिसर में 15 से 21 सितम्बर तक दोपहर 12.15 बजे से आयोजित सप्त दिवसीय संगीत मयी श्रीमद भागवत कथा सोमवार 15 सितम्बर को मंगल कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हुई। कथा के दूसरे दिन मंगलवार को व्यास पीठ पर विराजित संत गोपीराम महाराज ( श्री राम आश्रम, वृंदावन) ने सनातन धर्म प्रेमी नर-नारी दर्शक श्रोताओं को ज्ञान गंगा में डुबकिया लगवाते हुए अपनी ओजस्वी अमृत मयी मधुर वाणी में कथा का रसास्वादन करवाया ।दूसरे दिन भी भागवत महात्म्य की कथा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि भगवान हर व्यक्ति के साथ हमेशा रहते है लेकिन हम श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान का ध्यान ही नहीं करते जब तक भगवान से दूर रहेंगे कल्याण नहीं होगा उन्होंने कहा जहां भक्ति या भागवत कथा होती है वहां भगवान स्वतः ही चले आते है भगवान की भक्ति और श्रीमद भागवत कथा सुन कर धुँधकारी जैसा महा पापी का भी कल्याण हो गया। महाराज ने कहा प्रातः स्नानकरने के बाद सतकर्म करने वाला कभी आत्म हत्या नही कर सकता धुँधली को कमा नहीं मिली तो उसने आत्म हत्या करली। धूंधकारी ने कथा सुनी तो प्रेत से मुक्त हो गया। महाराज ने कहा कि मन लगा कर और सरल रह कर भगवान को भजो तो भगवान के दर्शन होंगे जैसे भगवान ने शबरी की कुटिया में जाकर दर्शन दिये। भागवत महात्म्य की कथा के बाद भागवत का प्रथम स्कन्द की कथा सुनाते हुए व्यासजी ने कहा कि मानव को प्रतिदिन तीन बार प्रातः काल, मध्यान व सांय काल भगवान का स्मर्ण करना चाहिए। महाराज ने अमर कथा भी सुनाई। कथा में रतनलाल मोदी सपत्निक श्रीमती कृष्णा मोदी व उनके अनुज भ्राता रामेश्वर लाल मोदी सपत्निक श्रीमती मुन्नीदेवी मादी मुख्य यजमान के रूप कभा का पान किया।

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Gordhan Soni

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