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देहदान जागरूकता का असर, बुधवार को एसपी मेडिकल कॉलेज में दो पार्थिव देह हुए दान



*दिनांक: 17 सितंबर, 2025*

बीकानेर के सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में देहदान के प्रति बढ़ती जागरूकता का प्रभाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। बुधवार को कॉलेज के शरीर रचना विभाग को मेडिकल छात्रों के प्रायोगिक अध्ययन हेतु दो पार्थिव देह दान स्वरूप प्राप्त हुए। बीछवाल इंडस्ट्रियल एरिया स्थित गर्ग इंडस्ट्री निवासी 70 वर्षीय श्री मोहनलाल गर्ग का पार्थिव देह दोपहर 12:10 बजे और गंगा मंदिर के पास आर्य समाज वाली गली निवासी 74 वर्षीय श्री अश्विनी कुमार घई का पार्थिव देह सायं 4:30 बजे उनके परिजनों द्वारा मेडिकल कॉलेज के एनाटोमी विभाग को सौंपा गया।

इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गुंजन सोनी, डॉ. राकेश रावत और डॉ. राकेश मणि ने दोनों पार्थिव देहों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

डॉ. सोनी ने कहा, “देहदान महादान है। यह न केवल चिकित्सा शिक्षा को सशक्त करता है, बल्कि समाज को कुशल चिकित्सक प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दोनों परिवारों का यह निर्णय अन्य लोगों को भी प्रेरित करेगा।” डॉ. रावत ने बताया कि बीकानेर में देहदान के प्रति आम नागरिकों में जागरूकता धीरे-धीरे बढ़ रही है।

शरीर रचना विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश मणि ने जानकारी दी कि अब तक कॉलेज को कुल 606 पार्थिव देह दान में प्राप्त हो चुके हैं। वर्ष 2022 से 2025 तक 80 पार्थिव देह दान स्वरूप प्राप्त हुए, जिनमें 58 पुरुष और 22 महिलाएं शामिल हैं। वर्तमान में मेडिकल छात्रों के प्रायोगिक अध्ययन के लिए 14 पार्थिव देह उपलब्ध हैं।

**महर्षि दधीचि का प्रेरणादायी बलिदान** 
देहदान की इस परंपरा को भारतीय संस्कृति में महर्षि दधीचि के बलिदान से जोड़ा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, महर्षि दधीचि ने देवताओं की रक्षा के लिए अपने शरीर का दान किया, जिससे वज्रास्त्र का निर्माण हुआ। उनका यह त्याग आज भी देहदान जैसे महान कार्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। बीकानेर में बढ़ती जागरूकता इस बात का प्रमाण है कि समाज अब इस नेक कार्य को अपनाने लगा है, जो चिकित्सा शिक्षा और मानव सेवा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

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Gordhan Soni

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