ध्वजा उत्सव व 17 भेदी भक्ति संगीत के साथ पूजा
बीकानेर, 8 नवम्बर। गंगाशहर मार्ग पर स्थित पार्श्वनाथ बगीची के भगवान आदिनाथ मंदिर में शुक्रवार को ध्वजा उत्सव व 17 भेदी पूजा का आयोजन जैन श्वेताम्बर पार्श्वचन्द्र गच्छ संघ के तत्वावधान में हुआ। बगीची के भगवान आदिनाथ, पार्श्वचन्द्र सूरिश्वरजी व भैरव मंदिर के शिखर पर राजकुमार व सौरभ राखेचा परिवार ने लगातार 24 वें वर्ष ध्वजा चढ़ाने का लाभ भक्ति भाव से लिया।
जैन श्वेताम्बर पार्श्वचन्द्र गच्छ संघ के अध्यक्ष रविन्द्र रामपुरिया ने बताया कि सतरह भेदी पूजा में पार्श्वचन्द्र महिला मंडल के साथ पप्पूजी बांठिया, संघ के सचिव प्रताप रामपुरिया ने न्वाहण पूजा, विलेपन, वस्त्र,गंध, पुष्पारोहण, माल पूजा, अंगीरचना, चूर्ण पूजा, ध्वज पूजा ’’ (पंच वरण ध्वज शोभती, घूघरीनों घमकार, हेम दंड मन मोहिनी, लघु पताका सार।। )’’ , आभरण पूजा, वाजित्र पूजा पुष्प गृह पूजा, पुष्प वर्षण पूजा अष्ट मंगल पूजा धूप पूजा, गीत पूजा, नृत्य नाटक पूजा विभिन्न राग व तर्जों पर गाए गए गीतों के साथ की गई।
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भगवान की सवारी में जगह-जगह शांतिनाथजी
क्े रथ की पूजा व भजनों की प्रस्तुतियां
बीकानेर, 7 नवम्बर । श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के तत्वावधान में सकल श्रीसंघ के सहयोग से शुक्रवार को भगवान की सवारी मेंं जगह-जगह भगवान शांति नाथजी की रथ में प्रतिष्ठित प्रतिमा की पूजा की गई। भजन मंडलियों ने विभिन्न जैन बहुल्य मोहल्लों में भजनों की प्रस्तुतियां दी। श्री गौड़ी पार्श्वनाथ में दो दिन के पड़ाव के बाद शुक्रवार को सुबह वहां से रवाना होकर कोटगेट, लाभुजी का कटला, जैन समाज की गवाड़ों में होते हुए भुजिया बाजार के श्री चिंतामणि जैन मंदिर में संपन्न हुई।
श्री चिंतामणिज जैन मंदिर प्रन्यास के अध्यक्ष हरीश नाहटा ने बताया कि जैन श्वेताम्बर गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर, मुनि मंथन प्रभ सागर, बाल मुनि मीत प्रभ सागर, बीकानेर की साध्वी दीपमाला व शंखनिधि, पार्श्वचन्द्रगच्छ की साध्वी पदम प्रभा व सुव्रताश्रीजी के सान्निध्य में निकली भगवान की सवारी में शामिल श्रावक-श्राविकाओं का अनेक स्थानों पर चाय, नाश्ता आदि से सत्कार किया गया। भजन मंडलियों के कलाकारों का अभिनंदन किया गया।
भगवान शांति नाथजी की सवारी में पंचरंगी जैन ध्वज, भगवान महावीर के आदर्शों से संबंधित 9 तेल चित्र, चांदी का सिंहासन, कल्पवृक्ष, वीर मंडल महावीर मंडल, श्री जैन मंडल, जैन गौतम मंडल व आदिश्वर मंडल के सजे संवरे ऊंट गाड़ों पर बच्चे बैठे हुए जयकारा लगा रहे थे। वहीं श्रावक ’’ चंदन की दो चौकियां, पुष्पन के दो हार, केसर भरियों बाटको, पूजा नैन कुमार’’ के साथ देव गुरु व धर्म के नारे लगा रहे थे।
गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर म.सा. व साध्वीदीप शिखा श्रीजी म.सा. आदिठाणा ने मुकीम बोथरा तथा डागा, सेठिया व पारख मोहल्ले में छह भजन मंडलियों के भजनों को सुना तथा भजन मंडलियों के कलाकारों को आशीर्वाद दिया। होलेण्ड की पर्यटक मरियम भी भगवान की सवारी में शामिल हुई तथा मुनि व साध्वीवृंद से आशीर्वाद लिया। उन्होंने जैन धर्मावलम्बियों की भगवान की सवारी को ’’वंडरफुल कल्चरल इवेंट ऑफ जैन समाज’’ बताया। श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के अध्यक्ष हरीश नाहटा, कोषाध्यक्ष फतेहचंद खजांची, ट्रस्टियों व पूर्व अध्यक्ष निर्मल धारीवाल ने सवारी में शामिल सकलश्री संघ के श्रावक-श्राविकाओं, भजन मंडलियों के कलाकारों तथा पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया।




































