

“राजस्थान मास्टर एथलेटिक्स प्रतियोगिता के 60 -65 आयु पदक विजेता रहे- खेल खेलने की भावना उम्र की मोहताज नहीं”- मानक चंद सुथार
बीकानेर। “खेल खेलने की भावना उम्र की मोहताज नहीं” कि खेल भावना, जैसे कि निष्पक्षता, सम्मान और टीम वर्क, किसी भी उम्र के व्यक्ति में विकसित हो सकती है और खेल के मैदान में उम्र कोई बाधा नहीं है। युवा और वृद्ध दोनों ही, किसी भी उम्र में खेल के नियमों का सम्मान कर सकते हैं, दूसरों का आदर कर सकते हैं और हार-जीत को शालीनता से स्वीकार कर सकते हैं।बुजुर्ग खिलाड़ी भी अपनी शारीरिक क्षमता से बढ़कर प्रदर्शन करते हैं और साबित कर देते हैं कि हौसला और खेल भावना उम्र से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। इसी बात को परोक्ष रूप से सिद्ध किया मानक चंद सुथार ने जिन्होंने हाल ही में अजमेर में 29- 30 नवंबर 2025 को आयोजित राज्य स्तरीय 20वें राजस्थान मास्टर एथलेटिक्स प्रतियोगिता के 60 से 65 आयु वर्ग में तीन किमी पैदल चाल में प्रथम स्थान व 800 मीटर दौड़ में तृतीय स्थान प्राप्त कर पदक प्राप्त किया। उम्र के बहाने को अंगूठा दिखाते हुए शानदार प्रदर्शन कर सफलता की ओर अग्रसर रहे। इस सफलता के लिए प्रियजनों और मित्रजन द्वारा बधाई के साथ शुभकामनाएं प्रेषित की।




























