
नत्थूसर गेट के बाहर, बाबा रामदेव पार्क के पास स्थित पुष्करणा ब्राह्मणों की कुलदेवी माँ उष्ट्र वाहिनी माता जी मंदिर में अंतरराष्ट्रीय ऊँट उत्सव पर माताजी तथा उनकी सवारी ऊँट का विशेष श्रृंगार किया गया।
मन्दिर में आये दर्शनार्थियों एवं अंतरराष्ट्रीय सैलानियों का पंडित शांतिस्वरूप रंगा द्वारा तिलक लगाकर स्वागत किया गया तथा मंदिर एवं ऊँट का ऐतिहासिक महत्व बताया गया। पंडित रंगा ने ऊँट के दूध से बने उत्पादनों की जानकारी दी ।
शाम को आरती के बाद सुगम संगीत के सांस्कृतिक कार्यक्रम में सैलानियों तथा दर्शनार्थियों को माँ के भजन सुनाए गए, जिसमें स्थानीय कलाकारों विष्णु दत्त रंगा, नवरत्न, हनुमान, गोपाल, बाबू, शंकर, महादेव एवं अनिल ने अपने भजनों से मंत्रमुग्ध कर दिया। पंडित नमो नारायण ने ढोलक पर संगत दी।
पंडित रंगा ने अपने उद्बोधन में प्रशासन से निवेदन किया कि शहर के प्राचीन एवं एकमात्र ‘ऊँठा देवी’ नाम से प्रसिद्ध उष्ट्र वाहिनी माताजी के मन्दिर तक अंतरराष्ट्रीय सैलानियों को लाने की सुविधा प्रदान करे।




























