


सांस्कृतिक सप्ताह ‘अभिव्यक्ति’ में अभिव्यक्त हुई विद्यार्थियों की बौद्धिक प्रतिभा: सोशल मीडिया के पक्ष और विपक्ष में दिए धारदार तर्क
बीकानेर,17 जनवरी 2026। राजकीय महाविद्यालय गंगाशहर।
राजकीय महाविद्यालय गंगाशहर में सांस्कृतिक सप्ताह के तीसरे दिन कहानी लेखन एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। कहानी लेखन के विषय महिला सशक्तिकरण एवं नशा मुक्ति रहे। भाषण प्रतियोगिता ‘युवाओं पर सोशल मीडिया का प्रभाव’ विषय पर आयोजित की गई। युवाओं से गहराई तक जुड़े सोशल मीडिया पर विद्यार्थियों ने अपनी बेबाक राय रखी। वे जहां सोशल मीडिया के लाभ से परिचित हैं वहीं इसके खतरों से भी अपरिचित नहीं हैं। भाषण प्रतियोगिता में रितिका गहलोत प्रथम, रुक्मणी शर्मा एवं निशिता शर्मा द्वितीय तथा सुमित नायक एवं चंचल भाटी तृतीय स्थान पर रहे।
आज अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की राजकीय महाविद्यालय गंगाशहर इकाई के द्वारा युवा दिवस एवं कर्तव्य बोध दिवस का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर डूंगर महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर दिग्विजय सिंह शेखावत ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए आदर्श युवा की पहचान बताई तथा कर्तव्य की पूरी संकल्पना पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रमुख उद्योगपति एवं भामाशाह श्री रिधकरण सेठिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति को अपने जीवन एवं दिनचर्या के प्रारंभ से अंत तक कर्तव्यों को समायोजित करना चाहिए। व्यक्ति का प्रथम कर्तव्य स्वयं के प्रति है जिसमे उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रयास करते हुए परिवार, समाज एवं राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिए। महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर बबिता जैन ने अपने संबोधन में कहा कि अधिकारों की पश्चिमी धारणा ने कर्तव्य की पूरी संकल्पना को ही विलुप्त कर दिया है। भारतीय ज्ञान परंपरा की पुनर्स्थापना से ही कर्तव्य बोध उत्पन्न होगा। इस अवसर पर भामाशाह श्री रिधकरण सेठिया के द्वारा महाविद्यालय के श्रेष्ठ विद्यार्थियों एवं सांस्कृतिक सप्ताह में विजेता रहने वाले विद्यार्थियों को अपनी ओर से पुरस्कृत करने की भी घोषणा की। कार्यक्रम का संचालन श्री मोहित शर्मा ने किया।














