Bikaner Live

बच्चों के  दुर्लभ रोगों पर एक दिवसीय कार्यशाला हुई आयोजित

बच्चों के  दुर्लभ रोगों पर एक दिवसीय कार्यशाला हुई आयोजित

बीकानेर, 15 फरवरी– भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय, एम्स जोधपुर, सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक विभाग और बीकानेर पीडियाट्रिक सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को होटल मरुधर पैलेस में “दुर्लभ बीमारियां: कारण एवं उपचार” विषय पर विशेष कार्यशाला हुई।

कार्यशाला में बाल रोग विशेषज्ञों, स्त्री रोग विशेषज्ञों और रेजिडेंट डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। मुख्य वक्ता प्रो. डॉ. जी.एस. तंवर ने बताया कि दुनिया में करीब 35 करोड़ लोग दुर्लभ रोगों से प्रभावित हैं, जिनमें 20% भारत से हैं। कुल 7,000 से अधिक दुर्लभ रोग पहचाने गए हैं, लेकिन मात्र 63 के लिए ही इलाज उपलब्ध है। 80% मामले जेनेटिक होते हैं।

उन्होंने “डायग्नोस्टिक ओडिसी” की समस्या पर जोर दिया – सही निदान में 7-10 साल लग जाते हैं, जिससे बच्चे का बचपन बर्बाद हो जाता है। डॉक्टरों से समय पर सतर्कता और रेफरल की अपील की।

एम्स जोधपुर के डॉ. कुलदीप सिंह ने दुर्लभ रोगों के निदान, उपचार और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने जन-जागरूकता, अंधविश्वास दूर करने और समय पर इलाज पर बल दिया। राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना के तहत प्रभावित बच्चों को मासिक 5,000 रुपये की सहायता मिलती है।

डॉ. जी. एस. तंवर ने बताया कि राजस्थान से अब तक 302 मरीजों का पंजीकरण आईसीएमआर में किया गया है, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत मामले ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (DMD) के हैं। इसके लिए प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को नियमित डीएमडी क्लिनिक संचालित किया जाता है, जहां मरीज पंजीकरण करवा सकते हैं। मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना के तहत राजस्थान सरकार द्वारा प्रभावित बच्चों को प्रति माह 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।



डॉ. वरुणा व्यास, डॉ. चारू शर्मा और अन्य विशेषज्ञों ने गर्भावस्था जांच, रोकथाम और परिवार परामर्श के महत्व पर प्रकाश डाला। राजस्थान से ICMR में 302 मरीज पंजीकृत हैं, जिनमें आधे ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (DMD) के हैं।

कार्यशाला में डॉ. कुलदीप सिंह सहित योगदानकर्ताओं का सम्मान किया गया। विशेषज्ञों ने समय पर निदान और जागरूकता से बच्चों के बेहतर भविष्य पर एकमत होकर जोर दिया।

कार्यशाला में अनेक वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिनमें  डॉ. पी. सी. खत्री, डॉ. सी. के. चाहर, डॉ. पी. के. बेरवाल, डॉ. रेणु अग्रवाल, डॉ. गौरव गोंबर, डॉ. श्याम अग्रवाल, डॉ. मुकेश बेनीवाल, डॉ. सारिका स्वामी, डॉ. एम. जी. चौधरी, डॉ. पवन दारा, डॉ. विजय चलाना, डॉ. अनिल दूसा, डॉ. ओ. पी. चाहर, डॉ. गौरी शंकर जोशी, डॉ. गिरीश प्रभाकर, डॉ. मोहन काजला, डॉ. कुलदीप बिठू, डॉ. महेश शर्मा, डॉ. संतोष खजोटिया, डॉ. संतोष चांडक, डॉ. स्वाति कोचर एवं डॉ. मोनिका सोनी शामिल रहे।

Picture of daulalkalla

daulalkalla

खबर

http://

Related Post

error: Content is protected !!