
अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशानुसार अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मान कार्यक्रम –
“महिला संस्कार सम्पन्न बने”
साध्वी राजीमती
• “शासन गौरव” साध्वी राजीमती ने प्रेरणा प्रदान करते हुए कहा – नारी गृहलक्ष्मी होती है। दुर्गा और सरस्वती भी नारी होती है। संस्कारित महिला संपूर्ण परिवार, संतान, घर को स्वर्ग बना देती है। उन्नति पथ पर आरूढ़ कर देती है। नारी संतुलित, सहिष्णु व परोपकारी होती है। नारी के बिना पुरुष अधूरा है।
• “मुमुक्षु शांता जी” ने प्रेरणा देते हुए नारी को शक्ति, भक्ति और युक्ति सम्पन्न बताया। नारी चरित्रवान व नैतिक बने। साधना, संयम और सेवा का जीवन ही नारी का श्रृंगार है।
• इस अवसर पर वीरा केंद्र की अध्यक्षा सरला जी अग्रवाल, विप्र फाउंडेशन प्रदेशाध्यक्ष सीमा जी मिश्रा, महेश्वरी महिला मंडल अध्यक्षा राधा मणि जी एवं अखिल भारतीय मारवाङी महिला सम्मेलन तथा अंतरराष्ट्रीय Imcc की अध्यक्षा सुषमा जी बजाज को प्रेरणा सम्मान प्रदान कर सम्मानित किया गया ।
• उन परिवारजन को भी प्रेरणा सम्मान से सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने बच्चों को दीक्षा की राह पर अग्रसर किया जिनमें साध्वी सिद्धांत प्रज्ञा जी की दादी मां चंदा देवी बैद, साध्वी गंभीर प्रज्ञा जी की मां विमल देवी मालू एवं साध्वी जागृत यशा जी की मां बिंदु जी लुणावत थे।
• सभी को सम्मानित मंत्री मोनिका बैद, पूर्व अध्यक्षा सुमन मरोठी, जयश्री भूरा एवं पुष्पा देवी पारख द्वारा किया गया।
• कुशल संचालन मंजू देवी बैद द्वारा किया गया।
• अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल (अभातेममं) तेरापंथ जैन समाज का एक सशक्त महिला संगठन है, जिसकी भारत और नेपाल में 500 से अधिक शाखाएँ तथा 65,000 से अधिक सक्रिय महिला सदस्यों का विशाल नेटवर्क है। लगभग पाँच दशकों से अभातेममं महिला सशक्तिकरण, संस्कार निर्माण और सामाजिक जागरूकता के विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए निरंतर कार्यरत है।


























