जयपुर, 10 मार्च। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि कृषि मण्डियों की सभी क्षतिग्रस्त सड़कों का पुनर्निर्माण करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में 16 सितम्बर 2025 को जारी आदेश के तहत कृषि मण्डियों में सड़क मरम्मत संबंधी नियमों में पहली बार महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। नए नियमों के तहत मंडी विकास समितियों की सकल बचत राशि का 5 प्रतिशत हिस्सा सड़कों के रखरखाव और नवीनीकरण के लिए निर्धारित किया गया है। इससे पहले सड़कों के नवीनीकरण के लिए इस राशि का उपयोग नहीं किया जाता था।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में जैसलमेर मंडी समिति के पास 26 लाख 50 हजार रुपये की बचत राशि उपलब्ध है। यहां की 8 सड़कों के नवीनीकरण के लिए लगभग 97 लाख 81 हजार रुपये की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध राशि से इन 8 सड़कों में से प्राथमिकता के आधार पर नवीनीकरण के आदेश शीघ्र जारी कर दिए जाएंगे। शेष सड़कों की मरम्मत और नवीनीकरण के लिए आवश्यक 71 लाख 31 हजार रुपये की राशि के लिए कॉर्पस फण्ड के नियमों में शिथिलता देते हुए प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कॉर्पस फण्ड में 59 लाख 42 हजार रुपये की राशि उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि मंडियों द्वारा निर्मित सड़कों के रखरखाव के लिए 5 प्रतिशत अतिरिक्त राशि का कॉर्पस फण्ड बनाया गया है।
श्री गोदारा प्रश्नकाल के दौरान सदस्य श्री छोटू सिंह द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का कृषि विपणन मंत्री की ओर से जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में इन सड़कों के रखरखाव का कार्य पीडब्ल्यूडी को सौंपा गया था, लेकिन कुछ कमियां पाए जाने के बाद नियमों में बदलाव करते हुए वर्ष 2014 में यह जिम्मेदारी पुनः कृषि विपणन बोर्ड को सौंप दी गई। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेश की कृषि मंडियों में क्षतिग्रस्त सड़कों का विभाग द्वारा शीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाएगा।
इससे पहले विधायक के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि जैसलमेर जिले में विभाग के अधीन 8 सड़कें आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं, जिनके अनुमानित तकमीने सम्बन्धित कृषि उपज मंडी समिति को भिजवाये गये हैं। जिसका विस्तृत विवरण उन्होंने सदन के पटल पर रखा।
उन्होंने बताया कि कृषि उपज मण्डी समिति जैसलमेर को सड़क मरम्मत के लिए प्रस्ताव भिजवाने हेतु निर्देशित कर दिया गया है। मण्डी समिति से प्रस्ताव प्राप्त होने पर परिक्षण के उपरांत गुणावगुण के आधार पर सड़क मरम्मत के सम्बन्ध में कार्यवाही की जा सकेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि विपणन विभाग के 16 सितम्बर 2025 के आदेश से बोर्ड द्वारा निर्मित सड़कों का रखरखाव अब मंडी समिति द्वारा ही किया जाएगा।
























