



ग्रोथ गेट चाइल्ड डवलपमेंटर सेंटर में डाउन सिंड्रोम दिवस जागरूकता कार्यक्रम
बीकानेर, 21 मार्च। जस्सूसर गेट के बाहर बायाजी व दशहरा उत्सव मैदान के पास स्थित ग्रोथ गेट चाइल्ड डवलपमेंटर सेंटर में डाउन सिंड्रोम दिवस पर (जन्म से शारीरिक,मानसिक रूप् से कम विकसित बच्चे) के कारण, उपचार व पालण पोषण के व्यापक प्रबंधन पर बच्चे व उनके अभिभावकों का जागरूकता कार्यक्रम शनिवार को आयोजित किया गया।
मुख्य वक्ता बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.श्याम अग्रवाल ने कहा कि डाउन सिन्ड्रोम बच्चों की सबसे बड़ी चिकित्सक, शिक्षक व पालनकर्ता उसकी मां होती है। माता-पिता के साथ परिवार के सभी सदस्य शारीरिक व मानसिक रूप् से कम विकसित बच्चों की बेहतर देखभाल चिकित्सा कर उनके विकास सहयोगी बनें। डाउन सिन्ड्रोम बच्चों को परमात्म स्वरूप समझकर उनकी चिकित्सकों व विशेषज्ञों की सलाह से बेहतर देखभाल करें । श्रेष्ठ देखभाल करने से देशनोक का एक बालक वर्तमान में बड़ा होकर चार्टेड एकाउंटेंट बन गया है।
मुख्य अतिथि दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनम राय ने कहा कि डाउन सिन्ड्रोम व हीमोफीलिया सहित अनेक कारणों से बच्चों में दांत व जीभ की सफाई नहीं करने से अनेक बीमारियां होती है। अभिभावक डाउन सिन्ड्रोम बच्चांं के दांतों की भी समय-समय पर जांच करवाएं। उन्होंने बताया कि 28 मार्च को सुबह साढ़े दस बजे से दोपहर ढाई बजे तक जयनारायण व्यास कॉलोनी के 2 ई 51 स्थित ’’स्माइल केयर डेंटल एवं इम्पलांट सेंटर (लक्ष्य इंस्टीट्यूट के पास) दांतों की जांच एवं परामर्श का निःशुल्क शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें डाउन सिन्ड्रोम, हीमोफीलिया सहित बच्चों, विभिन्न आयु वर्ग के महिलाओं व पुरुषों के दांतों की जांच की जाएगी। उन्होंने प्रतिमाह डाउन सिंड्रोम बच्चों के लिए एक दिन निःशुल्क जांच व परामर्श ग्रोथ गेट चाइल्ड डवलपमेंटर सेंटर में देने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दयानंद पब्लिक स्कूल की पूर्व प्राचार्य अलका डॉली पाठक ने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ डाउन सिंन्ड्रोम के बच्चों का विकास करें। उन्होंने कहा कि डाउन सिन्ड्रोम एक आनुवांशिक विकार है, जो गुणसूत्र की एक अतिरिक्त प्रति के कारण होता है। यह जन्मजात स्थिति बच्चों में शारीरिक विकास में देरी, बौद्धिक असक्षमता और विशिष्ट चहरे की बनावट का कारण बनती है। इसमें चेहरे का चपटा होना, छोटी गर्दन और सीखने, चलने, सोचने, समझने, देखने, सुनने आदि की क्षमता कम होना आदि होती है। उन्होंने कहा तरह के बच्चों के उतम स्वास्थ्य के लिए भ्रांतियों व अंधविश्वासों को दूर कर श्रेष्ठ चिकित्सक, फिजियोथरेपिस्ट आदि की सलाह से इलाज बेहतर रहता है।
ग्रोथ गेट चाइल्ड डवलपमेंटर सेंटर के निदेशक कुशाल कटारा, नितिन शर्मा, स्पीच थरेपिस्ट देशराज सिंह गुर्जर डाउन सिड्रोम बच्चों के सम्पूर्ण प्रबंधन, नवीनतम शोध, उपचार व केन्द्र में दी जा रही सेवाओं से अवगत करवाया तथा उपस्थिति अभिभावकों के प्रश्नों के उत्तर दिए । डाउन सिड्रोम बच्चों की माताओं पूजा स्वामी,उषा मुंधड़ा मोनिका अग्रवाल तथा एडवोकेट पुरोहित ने बच्चों के पालण पोषण व उनके विकास के लिए किए जा रहे कार्यों के अनुभव सांझा किए।














