*सबके ही सुख-दुख को सहकर अपने सब फर्ज निभाती है* *तभी तो नारी कहलाती है- संगीता सिंगल*
बेटी-बहु कभी मां बनकर सबके ही सुख-दुख को सहकर अपने सब फर्ज निभाती है तभी तो नारी कहलाती है। महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को औपचारिक मान्यता 1975 में उस वक़्त मिली, जब संयुक्त राष्ट्र ने भी ये जश्न मनाना शुरू कर दिया. संयुक्त राष्ट्र ने इसके लिए पहली थीम 1996 में … Read more