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बीकानेर35 साल पुरानी परंपरा: सावन में श्रीरामसर में बनेंगे सवा लाख पार्थिव शिवलिंग, रोज होगा रुद्राभिषेक भजन संध्या

| बीकानेर35 साल पुरानी परंपरा: सावन में श्रीरामसर में बनेंगे सवा लाख पार्थिव शिवलिंग, रोज होगा रुद्राभिषेक भजन संध्या सावन के दूसरे सोमवार को अर्धनारीश्वर का स्वरूप भगवान शिव को दिया भंडारे में उमड़ेंगे शिवभक्त, रक्षाबंधन पर होगी पूर्णाहुति**बीकानेर।* श्रावण मास की पावन बेला में श्रीरामसर एक बार फिर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजने को तैयार है। पिछले *35 वर्षों से लगातार* आयोजित हो रहा सावन महोत्सव इस बार भी श्रद्धा, भक्ति और सनातन परंपराओं की गरिमा के साथ मनाया जाएगा।*गोपाल महाराज* के सान्निध्य में *श्रीरामकृष्ण सदन* में गुरु पूर्णिमा से एक माह तक चलने वाला यह धार्मिक आयोजन गुरु पूर्णिमा पर विशेष पूजन-अर्चन एवं गुरुदेव के आशीर्वचन के साथ शुरू होगा।*महोत्सव की खास बातें*- *सवा लाख पार्थिव शिवलिंग*: प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से श्रद्धालु सवा लाख पार्थिव शिवलिंगों के निर्माण में सहभागी बनेंगे। – *रुद्राभिषेक*: शाम 5 बजे भगवान शिव एवं शिव परिवार का पंचामृत, दूध, गंगाजल और अन्य पवित्र द्रव्यों से रुद्राभिषेक एवं विशेष पूजन किया जाएगा।- *विशेष श्रृंगार*: प्रत्येक सोमवार, शनिवार और रविवार को दोपहर 2 बजे भगवान शिव का विशेष श्रृंगार दर्शन कराया जाएगा।- *भजन संध्या और भंडारा*: संध्या आरती के बाद प्रतिदिन शिव महिमा से ओत-प्रोत भजन संध्या होगी। पूरे माह भंडारे और प्रसाद की व्यवस्था रहेगी।- *समापन*: एक माह तक चलने वाले इस अनुष्ठान की पूर्णाहुति *रक्षाबंधन (राखी पूर्णिमा)* पर होगी। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सवा लाख पार्थिव शिवलिंगों का पवित्र सरोवर में विसर्जन किया जाएगा।आयोजक *जय शंकर-महादेव भक्त मंडल परिवार* ने अधिकाधिक श्रद्धालुओं से इस महा अनुष्ठान में सहभागी बनने का आह्वान किया है।*पार्थिव शिवलिंग का महत्व*सनातन परंपरा में मिट्टी से निर्मित शिवलिंग को पार्थिव शिवलिंग कहा जाता है। शिवपुराण के अनुसार श्रावण मास में पार्थिव शिवलिंग बनाकर पूजन और रुद्राभिषेक करना अत्यंत फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इससे मन की शुद्धि, कष्टों का निवारण और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।इस आयोजन से जुड़े दौलत जी तंवर नीरज शर्मा अमित पंचारिया चांद भा मयंक नरेश जी मित्तल भंवर जी चांडक विजय सचदेवा गणेश भाटी किशन जी पारीक घनश्याम जी पारीक यह सभी भक्त नियमित भगवान की शिव लिंग प्रतिदिन बना रहे हैं*आस्था की 35 साल पुरानी परंपरा* श्रीरामसर का यह सावन महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बीकानेर की आस्था का जीवंत उत्सव बन चुका है। तीन दशक से अधिक समय से यह महा अनुष्ठान निरंतर चल रहा है और हर वर्ष नए श्रद्धालु। इससे जुड़ रहे हैं।आप भी इस पवित्र आयोजन में शामिल होकर पुण्य लाभ ले सकते हैं।

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