


40 अधिकारियों एवं कार्मिकों को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए किया सम्मानित
बीकानेर, 15 अगस्त। स्वास्थ्य भवन में उप निदेशक बीकानेर जोन डॉ. राहुल हर्ष एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने ध्वजारोहण किया। डॉ. हर्ष ने आजादी के समय की स्वास्थ्य चुनौतियों का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय औसत आयु करीब 32 वर्ष तथा मातृ मृत्यु दर एक लाख जीवित जन्म पर एक हजार से अधिक थी। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने का आह्वान किया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में बीकानेर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के कई महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। दो शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन शुरू हुआ तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक सोनोग्राफी सेवाओं का विस्तार किया गया। 26 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 9 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं 36 उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण पूर्ण होकर लोकार्पित किए जा चुके हैं, जबकि 34 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 58 स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्वास्थ्य सूचकांकों, मौसमी बीमारियों एवं गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रमों में भी बीकानेर अग्रणी स्थान पर है। उन्होंने गांव-गांव तक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने तथा प्रत्येक हाई रिस्क गर्भवती की समय पर पहचान कर उसके सुरक्षित प्रसव की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. लोकेश गुप्ता ने स्वच्छता एवं पानी ठहरने वाले स्थानों की नियमित सफाई कर डेंगू-मलेरिया से बचाव का संकल्प लेने की अपील की। मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना प्रभारी डॉ. नवल गुप्ता ने बताया कि योजना के क्रियान्वयन में बीकानेर चार वर्षों से अधिक समय से राज्य में प्रथम स्थान पर है। जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ भवानी शंकर गहलोत तथा डॉ एम ए दाऊदी ने भी अपना शुभकामना संदेश दिया।
समारोह में 40 अधिकारियों एवं कार्मिकों को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यक्रम समन्वयक मालकोश आचार्य ने किया।















