
विश्राम गृह से निर्माण कार्य की हुई शुरुआत, श्रीकोलायत को मिलेगी धार्मिक-पर्यटन के रूप में खास पहचान : अंशुमान सिंह भाटी
श्रीकोलायत। श्रीकपिल मुनि की तपोभूमि श्रीकोलायत को धार्मिक एवं पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में बुधवार को महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा। क्षेत्रीय विधायक अंशुमान सिंह भाटी के लंबे समय से किए जा रहे प्रयास अब धरातल पर उतरने लगे हैं। कपिल मुनि सरोवर परिसर में प्रस्तावित भव्य कपिल मुनि पैनोरमा के निर्माण कार्य की शुरुआत बुधवार को कर दी गई। निर्माण की शुरुआत सरोवर परिसर स्थित विश्राम गृह से हुई। कपिल मुनि पैनोरमा को लेकर विधायक अंशुमान सिंह भाटी लंबे समय से राज्य स्तर पर लगातार प्रयासरत रहे हैं। विधायक भाटी का प्रयास रहा है कि कपिल मुनि की तपोस्थली श्रीकोलायत की धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को भव्य स्वरूप प्रदान कर देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाए। विधायक भाटी ने कपिल मुनि पैनोरमा को श्रीकोलायत के विकास की महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में आगे बढ़ाने के लिए राज्य स्तर पर लगातार पैरवी की। पैनोरमा का निर्माण पूरा होने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को कपिल मुनि, उनकी तपोभूमि श्रीकोलायत तथा क्षेत्र की धार्मिक एवं ऐतिहासिक परंपराओं को अधिक व्यापक और व्यवस्थित रूप से जानने-समझने का अवसर मिलेगा। पैनोरमा निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से पहले राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने श्रीकोलायत पहुंचकर प्रस्तावित पैनोरमा स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया था। उन्होंने तहसील परिसर सहित संबंधित स्थानों का मौका मुआयना किया तथा पटवारी एवं गिरदावर से स्थल की नाप करवाकर मौके की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए थे। इससे परियोजना की तैयारियों को गति मिली और स्थल से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया गया। लखावत ने विधायक अंशुमान सिंह भाटी से दूरभाष पर चर्चा कर मौके की स्थिति एवं तैयारियों की जानकारी साझा की थी। पैनोरमा के माध्यम से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को कपिल मुनि की तपोस्थली, श्रीकोलायत की धार्मिक परंपराओं तथा क्षेत्र की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानकारी प्राप्त होगी। पर्यटकों की संख्या बढऩे के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार, व्यापार, आवागमन, ठहराव एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावनाएं हैं। इस दृष्टि से पैनोरमा को श्रीकोलायत के पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत के श्रीकोलायत निरीक्षण के दौरान एसडीएम राजेश चौहान, तहसीलदार पूनम कंवर, नायब तहसीलदार रामनारायण जाखड़, गिरदावर जगदीश पंवार, समाजसेवी नेमीचंद पंचारिया, रमेश पुरोहित एवं नखत सिंह आदि उपस्थित रहे।









