बीकानेर, 30 सितम्बर। राज्य सरकार ने बांधों में उपलब्ध जल की स्थिति तथा जैसलमेर में आयोजित जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप इंदिरा गांधी नहर परियोजना के रबी फसल वर्ष 2026-27 के लिए रेगुलेशन कार्यक्रम जारी कर दिया है। उपलब्ध जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन एवं किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 41.11 प्रतिशत Better Inflow की संभावना के आधार पर किसानों को कुल पांच बारियां सिंचाई पानी उपलब्ध कराने का कार्यक्रम बनाया गया है।
इस वर्ष फिलिंग पीरियड के दौरान बांधों की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण रही। पौंग बांध का जलस्तर गत वर्ष की तुलना में लगभग 22 फीट तथा रणजीत सागर बांध का जलस्तर लगभग 48 फीट नीचे रहा। इसके परिणामस्वरूप इंदिरा गांधी नहर परियोजना के लिए कुल जल उपलब्धता 9.62 लाख क्यूसेक-डे निर्धारित हो पाई। यह उपलब्धता लगभग रबी वर्ष 2024-25 के स्तर के अनुरूप है। उस वर्ष भी Better Inflow को आधार मानते हुए किसानों को पांच बारियां उपलब्ध कराई गई थीं और इस वर्ष भी उपलब्ध संसाधनों का समुचित प्रबंधन करते हुए पांच बारियों का रेगुलेशन जारी किया गया है।
किसानों की तत्काल आवश्यकता को देखते हुए इस बार रेगुलेशन की शुरुआत भी विशेष रूप से योजनाबद्ध की गई है। वर्तमान में एक ओर आगामी फसल की बुवाई के लिए पानी की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर पूर्ववर्ती फसल को पकाव के लिए भी सिंचाई पानी की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए पहली बारी में 30 सितंबर प्रातः 6 बजे से 17 अक्टूबर प्रातः 6 बजे तक नहरों को 4 में से 2 समूहों में चलाया जाएगा। इसके बाद 17 अक्टूबर प्रातः 6 बजे से 27 जनवरी 2027 सायं 6 बजे तक शेष चार बारियां 3 में से 1 समूह के आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी।
राज्य सरकार किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए उपलब्ध पानी का अधिकतम एवं न्यायसंगत उपयोग सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। यदि आगामी अवधि में Better Inflow अपेक्षा से अधिक प्राप्त होता है, तो जनवरी माह में जल उपलब्धता की पुनः समीक्षा की जाएगी तथा परिस्थितियां अनुकूल रहने पर किसानों को एक अतिरिक्त बारी पानी उपलब्ध कराने की संभावना पर भी विचार किया जा सकेगा।
जारी आदेश में किसानों से उपलब्ध सिंचाई जल की मात्रा को ध्यान में रखते हुए कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों को प्राथमिकता देने तथा उपलब्ध पानी के अनुरूप ही क्षेत्र में बुवाई करने की अपेक्षा भी की गई है
‘सीमित जल उपलब्धता के बावजूद बेहतर जल प्रबंधन से किसानों के लिए पांच बारियां सुनिश्चित—Better Inflow बढ़ने पर जनवरी में पुनः समीक्षा कर अतिरिक्त बारी की संभावना।’










