
देश की रक्षा के लिए हर मोर्चे पर तैनात सैन्य बल से तो हर कोई परिचित है । लेकिन इन सैनिकों को हर कदम पर ,हर दुर्घटना में ,हर युद्ध में चिकित्सा सुविधा करवाने वाली एक इकाई से बहुत ही कम लोगों का परिचय होगा जो कि मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) नाम से जानी जाती है पिछले कई दशकों से सैन्य नर्सिंग सेवा की समर्पित टीम सैन्यकर्मियों,पूर्व सेनिको और उनके परिवारों को शांति तथा युद्ध में दौरान पेशेवर नर्सिंग सेवाएं प्रदान करती रही है । सैन्य स्वास्थ्य सेवा में उनका योगदान भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत सरकार देश की सैन्य शक्ति को चिकित्सा सेवा के माध्यम से स्वस्थ करने वाली इस संस्था का शताब्दी वर्ष मना रही है । इस अवसर पर एक खास तरह का स्मारक सिक्का भी जारी किया जायेगा । 28 सितंबर 2026 को वित्त मंत्रालय ने गजट अधिसूचना जारी कर इसकी पुष्टि की है । सिक्को का संग्रह और अध्ययन करने वाले प्रसिद्ध मुद्राशास्त्री सुधीर लुणावत के अनुसार इस सिक्के को भारत सरकार की कोलकता टकसाल द्वारा बनाया जायेगा । सिक्के का कुल वजन 35 ग्राम होगा जिसमें 50 प्रतिशत चांदी,40 प्रतिशत तांबा, 5-5 प्रतिशत निकल और जस्ते का मिश्रण होगा । सुधीर ने बताया कि सिक्के के एक तरफ मध्य में 100 लिखा होगा जिसमें इस 100 के अन्दर सैन्य नर्सिंग सेवा का लोगो व नर्स की आकृति प्रदर्शित की जाएगी । इस 100 के ऊपरी परिधि पर हिंदी में तथा निचली परिधि पर अंग्रेजी में “मिलिट्री नर्सिंग सर्विस का शताब्दी समारोह ” लिखा होगा जिसके नीचे 1926-2026 लिखा होगा । दूसरी तरफ मध्य में अशोक स्तम्भ होगा जिसके दाये और बाएं हिंदी तथा अंग्रजी में भारत लिखा होगा अशोक स्तम्भ के ठीक नीचे रुपए के प्रतीक चिन्ह ₹ के साथ सिक्के का मूल्यवर्ग 100 लिखा होगा ।
यह स्मारक सिक्का कभी प्रचलन में नहीं आयेगा । जारी होने के पश्चात इसे भारत सरकार की कोलकता टकसाल की वेबसाइट से खरीदा जा सकता है ।











