Bikaner Live

हिंदी दिवस पर हुआ समारोह
सामाजिक सरोकार पुरुस्कार दिए
soni

श्रीडूंगरगढ़ बीकानेर। तोलाराम मारू .
हिंदी भाषा अनेकता में एकता को परिभाषित करती हुई मानवता को जोड़ती है और इसमें संस्कृति की छवि निहित है। यह उद्गार यहां हिंदी दिवस के अवसर पर बुधवार को राष्ट्रभाषा हिंदी प्रचार समिति श्रीडूंगरगढ़ द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान शिक्षाविद डॉ. उमाकांत गुप्त ने व्यक्त किए। राष्ट्रीय राजविषय प्रवर्तन करते हुए डॉ. गुप्त ने कहा कि हिंदी आम आदमी की बोलचाल व एक दूसरे को समझने की भाषा है। विश्व में हिंदी भाषाईयों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी ओटीएस जयपुर के अतिरिक्त महानिदेशक टीकमचंद बोहरा ने कहा कि ज्ञानवर्धन के लिए व्यक्ति दूसरी भाषा सीखता है पर हिंदी की कोई सानी भाषा नहीं है। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है, लेकिन साहित्य में राजनीति नहीं होनी चाहिए। अध्यक्षता करते हुए डॉ. मदन सैनी ने कहा कि हिंदी वह भाषा है, जिसमें हमारी संस्कृति का समागम है और यह हमारे देश का गौरव है। मेरठ के डॉ. रविंद्र कुमार ने हिंदी और हिंदुस्तान को एक दूसरे का पर्याय बताते हुए कहा कि हिंदी देश की एकता व अखंडता के साथ जुड़ी हुई है और इसके माध्यम से ही भारत विश्व गुरु के रूप में उदयमान होगा। छगनलाल सेवड़ा ने कहा कि भाषा के बिना राष्ट्र की पहचान नहीं होती है। संस्था अध्यक्ष श्याम महर्षि ने संस्था की गतिविधियों से रूबरू करवाया। संस्था के महावीर माली ने आगंतुकों का स्वागत व सत्यनारायण योगी ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संयोजन रवि पुरोहित ने किया।
इनका हुआ सम्मान:
यहां राष्ट्रीय राज मार्ग पर स्थित संस्कृति भवन में संस्था के वार्षिक उत्सव के अवसर पर संस्था की सर्वोच्च मानद उपाधि मलाराम माली स्मृति साहित्यश्री मेरठ के साहित्यकार व पदमश्री डॉ. रवीन्द्र कुमार को दी गई। इसी तरह डॉ. नंदलाल महर्षि स्मृति हिन्दी साहित्य सृजन पुरस्कार जोधपुर के कथाकार-समालोचक डॉ. हरीदास व्यास, पं. मुखराम सिखवाल स्मृति राजस्थानी साहित्य सृजन पुरस्कार मुंबई प्रवासी साहित्यकार महेन्द्र मोदी, सामाजिक सरोकारों को समर्पित रामकिशन उपाध्याय स्मृति समाज सेवा सम्मान जयपुर के सवाई सिंह व शिवप्रसाद सिखवाल स्मृति महिला लेखन पुरस्कार जयपुर की उपन्यासकार-कथाकार तसनीम खान को प्रदान किया गया। इसमें पुरस्कार स्वरूप शॉल, श्रीफल, सम्मान-पत्र, स्मृति-चिह्न व 11 हजार रुपए की नकद राशि दी गई। इसके अलावा प्रतिभा सम्मान श्रीडूंगरगढ़ की पूनम योगी व त्रिलोक शर्मा स्मृति साहित्य सम्मान जोधपुर की शिवानी पुरोहित को दिया गया है।
इस दौरान साहित्यकार सत्यदीप, बजरंग शर्मा, विनोद सिखवाल, कांति उपाध्याय, रामचंद्र राठी, सोहनलाल ओझा, ओमप्रकाश गुरावा, ओमप्रकाश स्वामी, ताराचंद इंदौरिया, विजयराज सेठिया, ओमप्रकाश गांधी, रूपचंद सोनी, तुलसीराम चौरड़िया, भंवर भोजक तोलाराम मारू सहित काफी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

Picture of Gordhan Soni

Gordhan Soni

खबर

Related Post

error: Content is protected !!